चंडीगढ़। गुरलाल बराड़ की हत्या मामले में जिला अदालत ने आरोपी गुरमीत सिंह उर्फ गित्ता की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पिछले सात महीने से जेल में बंद है। गुरमीत पर गुरलाल की हत्या करने वाले शूटर को मोटरसाइकिल मुहैया करवाने का आरोप है।
पुलिस ने अक्तूबर 2020 में गुरमीत और एक अन्य आरोपी गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। हालांकि गुरलाल को गोली मारने वाले शूटर को पुलिस अभी भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। गुरमीत ने जमानत याचिका में कहा था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उसका गुरलाल की हत्या से कोई संबंध नहीं है। गुरमीत के वकील ने कहा कि वारदात के बाद पुलिस को सेक्टर-28 से एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने कहानी बना ली कि यह मोटरसाइकिल उसने शूटर को दिलाई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे झूठी कहानी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि गुरमीत आदतन अपराधी है उस पर और भी कई मुकदमे दर्ज हैं। अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह फरार हो सकता है। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गुरमीत की याचिका को खारिज कर दिया।
दरअसल, पिछले साल 10 अक्तूबर को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में सिटी इंपोरियम मॉल के बाहर छात्र नेता गुरलाल बराड़ की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मॉल के बाहर गाड़ी में बैठकर किसी का इंतजार कर रहा था। तभी मुंह पर नकाब पहने दो बाइक सवार आरोपियों ने उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। वारदात के दौरान गुरलाल के सिर में गोलियां लगीं, जिसके बाद गुरलाल के दोस्त और पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।