गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की। उम्मीदवार सुनील जाखड़ को रिकॉर्ड मत मिले और जनता ने उन्हें अपना सांसद स्वीकार किया। रविवार को गुरदासपुर के 6 विधानसभा हलकों की मतगणना सुखजिंदरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट गुरदासपुर और तीन हलकों की एसडी कॉलेज पठानकोट में हुई। कड़े सुरक्षा प्रंबंधों के बीच हुई मतगणना के दौरान कांग्रेसी उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने 1,93,219 की शानदार बढ़त से जीत हासिल की।
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सुबह आठ से दोपहर 12.30 बजे तक चली मतगणना के दौरान कांग्रेस लगातार बढ़त में रही। मतगणना के दौरान कांग्रेसी उम्मीदवार सुनील जाखड़ को 4,99,752, भाजपा के स्वर्ण सलारिया को 306533, आम आदमी पार्टी के सुरेश खजूरिया को 23579, एमडीपी की संतोष कुमारी को 1011, शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के उम्मीदवार कुलवंत सिंह को 3546, एचएसएस पार्टी के उम्मीदवार राजिंदर सिंह को 1891, आजाद उम्मीदवार सतनाम सिंह को 996, संदीप कुमार को 1922, प्रदीप कुमार को 2029, परविंदर सिंह को 6825 व पवन कुमार को 3791 वोट पड़े।
वहीं 7587 वोटरों ने किसी भी उम्मीदवार को पसंद न करते हुए नोटा बटन दबाया। जिला चुनाव अधिकारी गुरलवलीन सिंह सिद्धू ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ को गुरदासपुर विधानसभा हलके में 56018, भाजपा के स्वर्ण सलारिया को 26362 और आम आदमी पार्टी के सुरेश खजूरिया को 3080 वोट मिले। दीनानगर में कांग्रेस को 51884, भाजपा को 40497 और आप को 2315 वोटरों ने पसंद किया। कादियां में कांग्रेस को 58972 भाजपा को 32624 आप को 2996 मत पड़े। बटाला हलके में कांग्रेस के पक्ष में 53748, भाजपा के पक्ष में 27486 और आप के पक्ष 2970 वोटरों ने मतदान किया।
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फतेहगढ़ चूड़ियां में कांग्रेस को 65168 भाजपा को 32872 और आप को 2866 वोट मिले। डेरा बाबा नानक विधानसभा हलके में कांग्रेस के जाखड़ को 76137, भाजपा के सलारिया को 32063 और आप प्रत्याशी खजूरिया को 4027 मत मिले।
पहली बार संसद पहुंचे जाखड़
सुनील जाखड़
सुनील जाखड़ ने साल 1996 में सबसे पहले फिरोजपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, पर हार गए थे। उसके बाद 2002, 2009 व 2012 में वह अबोहर से विधायक बने। 2009 में उन्होंने फिर फिरोजपुर से ही लोकसभा चुनाव लड़ा, पर जीत नहीं मिली। आठ माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
जाखड़ सीएलपी लीडर के पद तक पहुंचे, जिस पर उनके पिता भी सुशोभित हो चुके हैं। कुछ माह पहले पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रधान बनाया था। अब जाखड़ कई सालों बाद संसद में अपने परिवार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके पिता बलराम जाखड़ दो बार लोकसभा के स्पीकर रहे। केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री भी रहे। यूपीए के कार्यकाल में राज्यपाल बनाए गए। पिछले साल उनका निधन हो गया था।
विनोद खन्ना के निधन के बाद चुनाव कराया गया था
अभिनेता से नेता बने विनोद खन्ना के इस साल अप्रैल में निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की इस जीत को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि गुरदासपुर लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ रही है।
खन्ना इस सीट से चार बार सांसद रहे। उनका इस वर्ष 27 अप्रैल को मुंबई के एक अस्पताल में कैंसर से निधन हो गया था। इस सीट पर 11 अक्तूबर को हुए उपचुनाव में 56 फीसदी मतदान हुआ जो वर्ष 2014 के आम चुनावों में हुए 70.03 फीसदी मतदान के मुकाबले कम है।
2019 में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की नींव पड़ी : जाखड़
Sunil Jakhar
- फोटो : File Photo
गुरदासपुर उपचुनाव में भारी जीत से उत्साहित सुनील जाखड़ ने इसे देश की राजनीति के लिए नई दिशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर उपचुनाव के परिणाम से 2019 में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की नींव पड़ी है। यह भाजपा की गलत नीतियों के प्रति जनता का असंतोष दर्शाता है। सूबे के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह ने उपचुनाव के नतीजे को राहुल गांधी को दिवाली का गिफ्ट बताया।
जाखड़ पार्टी विधायक बीरेंदरमीत सिंह पाहड़ा के निवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। जाखड़ ने कहा कि उपचुनाव परिणाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के प्रति लोगों का असंतोष दर्शाता है और लोगों ने इससे कड़ा संदेश दिया है। यह नतीजा देश में आनेवाले आम चुनाव के परिणाम की झलक है। 2019 में राहुल के पीएम बनने की नींव गुरदासपुर से पड़ गई है। जाखड़ ने कहा कि इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को है। मेरा तो केवल बस नाम है, असली जीत तो कैप्टन अमरिंदर सिंह की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने भी कांग्रेस को वोट दिया। उन्होंने कहा कि यही सिलसिला पूरे देश में शुरू होने वाला है। यह देश में कांग्रेस की जीत की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर उपचुनाव का परिणाम केंद्र के मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के प्रति लोगों के असंतोष और नाराजगी को दर्शाता है। भाजपा को गलत आर्थिक नीतियों के कारण करारी हार का सामना करना पड़ा है।
लोकसभा उपचुनाव में जीत के बाद गुरदासपुर पहुंचे सूबे के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इशारों इशारों में भाजपा पर सियासी हमला बोला। उन्होंने कहा, हमने सोनिया, राहुल और प्रियंका को लाल रिबन से पैक कर जीत का गिफ्ट भेज दिया है। पंजे के थप्पड़ की गूंज दूर तक सुनाई देगी। जीत के बाद सुनील जाखड़ के साथ विधायक पाहड़ा के निवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत में सिद्धू ने कहा कि जब कांग्रेस बेहतर स्थिति में थी तब सोनिया ने खुद सत्ता से दूर रहकर डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया।
अब जब पार्टी सत्ता से दूर है तो राहुल गांधी आगे आकर जिम्ममेदारी उठा रहे हैं। राहुल ने आगे आकर जीत के रूप में दीपक जलाया है। सिद्धू ने कहा कि सुनील जाखड़ का कद भाजपा प्रत्याशी सलारिया से बहुत ऊंचा है। उन्होंने इस दौरान अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर भी कड़े हमले किए। कहा कि यह जीत कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत है। इस भारी जीत से प्रदेश में भाजपा और अकाली दल की कमर टूट गई है।
सिद्धू ने कहा कि जब कांग्रेस बेहतर स्थिति में थी, तब सोनिया ने खुद सत्ता से दूर रहकर डॉ. मनमोहन सिंह को पीएम बनाया। अब जब पार्टी में सत्ता से दूर है तो राहुल गांधी आगे आकर जिम्ममेदारी उठा रहे हैं। यही उनकी विशेषता है कि ऐसे वक्त में वह बोझ खुद के ऊपर ले लेते हैं। राहुल ने आगे आकर जीत के रूप में दीपक जलाया है। उन्होंने कहा, -हमने सोनिया, राहुल और प्रियंका को लाल रिबन से पैककर जीत का गिफ्ट भेज दिया है।