गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव के नतीजों से जहां बीजेपी को जोरदार झटका लगा, वहां कांग्रेस के लिए ये बहुत बड़ी उपलब्धि है। उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने 1,93,219 वोटों से जीत हासिल की।
जाखड़ ने शुरू से ही बढ़त बनाई हुई थी और नतीजा सबके सामने रहा। नतीजे की घोषणा होते ही कांग्रेस के खेमे में जश्न शुरू हो गया। कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने इस जीत को दीवाली का बेहतरीन तोहफा बताया।
उन्होंने कहा कि ये जीत राहुल गांधी को दीवाली का तोहफा है और उन्हें यह बहुत बहुत मुबारक हो। नवजोत सिद्धू ने कहा कि गुरदासपुर में कांग्रेस की रिकॉर्ड जीत बीजेपी को बड़ा सबक है। वह इसे जिंदगी भर नहीं भूलेगी। वहीं, इस जीत और हार की चर्चा जोरो-शोरों पर है।
कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार के कारण
Sunil Jakhar
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- जीत का श्रेय सीधे सुनील जाखड़ की दमदार छवि को जाता है। गुरदासपुर में, या कहें तो पंजाब में सुनील जाखड़ का राजनीतिक रुतबा काफी अच्छा है।
- प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने का फायदा भी उपचुनाव में मिला। सरकार बनने के बाद कांग्रेस का प्रदेश में यह पहला चुनाव था, इसलिए इसे जीतने में पूरी ताकत लगाई गई। चुनाव प्रचार में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई।
- उपचुनाव के लिए पार्टी ने एकजुट होकर ताकत दिखाई, जिसका नतीजा सामने है। गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी नौ हलकों में कांग्रेस के विधायक ज्यादा हैं। इसका फायदा भी पार्टी को मिला।
- चुनावों के बीच अकाली दल नेता सुच्चा सिंह लंगाह और बीजेपी उम्मीदवार सलारिया पर आरोप लगने से मामला बिगड़ा और कांग्रेस को इसका फायदा मिला।
- बीजेपी को कविता खन्ना को टिकट न देना भी महंगा पड़ा। टिकट न मिलने से वे बैठ गई, उनकी सक्रियता खत्म हो गई। इस कारण बीजेपी का मामला खराब हो गया।
- कांग्रेस की जीत का एक बड़ा कारण रहा, किसानों को गन्ने की अदायगी। बेशक पूरे प्रदेश में नहीं हो पाई, लेकिन चुनाव से पहले गुरदासपुर में किसानों को गन्ने की अदायगी कर देना कांग्रेस के पक्ष में गया।