आवेदन के लिए स्टिल्ट प्लस फोर का पोर्टल अपडेट, आरडब्ल्यू का विरोध जारी रहेगा
चंडीगढ़। आरडब्ल्यूए के विरोध के बावजूद हरियाणा सरकार स्टिल्ट प्लस फोर के निर्माण को लेकर आगे बढ़ गई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार ने नए स्टिल्ट प्लस के निर्माण को लेकर मानक संचालन प्रणाली (एसओपी) जारी कर दी है। साथ ही विभाग ने स्टिल्ट प्लस फोर के निर्माण की मंजूरी के आवेदन के लिए पोर्टल भी अपडेट कर दिया है। पोर्टल में आवेदन अपलोड कर सकते हैं। वहीं, आरडब्ल्यूए का कहना है कि पुराने सेक्टरों में स्टिल प्लस फोर के निर्माण की मंजूरी का विरोध जारी रहेगा। 31 जुलाई तक सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उसके बाद राज्य की सभी आरडब्ल्यूए एकजुट होकर जींद में प्रदर्शन करेगी।
विभाग की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक जिन काॅलोनियों और सेक्टरों में लेआउट प्लान प्रति प्लाॅट तीन आवासीय इकाइयों के साथ अनुमोदित है। वहां सड़क 10 मीटर होने पर स्टिल्ट 4 मंजिल के निर्माण की अनुमति होगी। इसके लिए दस्तावेज विभाग की वेबसाइट पर स्टिल्ट प्लस फोर पर अपलोड करना होगा। चार मंजिला निर्माण के लिए पहले पड़ोसी से सहमति लेनी होगी। यदि पड़ोसी नहीं मानता है तो पड़ोसी की दीवार से 1.8 मीटर जगह छोड़कर स्टिल्ट प्लस फोर का निर्माण कर सकता है। वहीं, जहां बिना मंजूरी के स्टिल्ट प्लस फोर का निर्माण किया गया है, उसके लिए भी विभाग ने एसओपी जारी की है। इसके मुताबिक सभी वैधानिक दस्तावेजों के साथ आवेदक को आवेदन देना होगा।
एसओपी जारी होने के 60 दिन के भीतर संबंधित डिस्ट्रिक टाउन प्लानर से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। अनधिकृत निर्माण के ऐसे सभी मामलों में, जहां निर्माण के समय, आसन्न भूखंडों के स्वामियों की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई तो आवेदन प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर अनुमति दी जाएगी। वहीं, यदि निर्माण के समय भूखंडों के स्वामियों की ओर से आपत्ति दर्ज की जाती है, तो शिकायतकर्ताओं से पारस्परिक समझौते/सहमति प्रस्तुत करने के लिए एक और अवसर दिया जाएगा। यदि आवेदक शिकायतकर्ताओं की सहमति देने में असमर्थ है, तो मामले का निर्णय स्पीकिंग ऑर्डर पारित करके किया जाएगा।
हमने सरकार को 31 जुलाई तक अल्टीमेटम दिया है। सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करें। 31 के बाद जींद में महासम्मेलन करेंगे, जिसमें हरियाणा के सभी आरडब्ल्यूए शामिल होंगे। पुराने सेक्टर में स्टिल्ट प्लस की मंजूरी किसी भी मायने से सही नहीं है। इसके निर्माण से पुराने सेक्टरों की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति और बिगड़ जाएगी। सड़कें अब चौड़ी नहीं हो सकती है। कई जगह देखा गया है कि पार्किंग एरिया को कवर कर उसका भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का रहन-सहन खराब हो जाएगा। नए सेक्टरों में इसे लागू करें। हमें कोई आपत्ति नहीं है।
- यशवीर सिंह मलिक, संयोजक, हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर काॅन्फेडरेशन