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गेस्ट टीचर्स के रोजगार पर संशय की तलवार

Wed, 05 Nov 2014 02:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पूर्व सरकार के बाद अब इस नई सकार में भी गेस्ट टीचरों के रोजगार पर संशय की तलवार लटकी है। सरकार इनकी सेवाएं रेगुलर करेगी या फिर ये अतिथि अध्यापक यूं ही सलाना अनुबंध पर आगे चलते रहेंगे? इस पर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
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लेकिन हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से विगत दिनों जारी हुए एक आदेश ने जरूर गेस्ट टीचरों के रोजगार पर सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि अगले ही दिन ये आदेश वापस ले लिए गए, लेकिन इन गेस्ट टीचरों के भविष्य पर संशय बरकरार है।

उधर, इस मसले की फाइल भी हरियाणा के नए शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को भेज दी गई है। शिक्षा मंत्री और उनकी सरकार ही अब इन गेस्ट टीचरों के भविष्य का फैसला करेंगे।
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2005 में रखे गए थे गेस्ट टीचर

वर्ष 2005 में कांग्रेस सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों के स्थायी रिक्तपदों पर नियमित भर्ती न करते हुए सूबे के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचरों की भर्ती की थी। अंबाला में करीबन आठ सौ और सूबे में ये पंद्रह हजार के करीब गेस्ट टीचर मौजूद है।

इन गेस्ट टीचरों को सलाना अनुबंध पर रखा गया था और उन्हें एक मुश्त राशि दी जाती थी। पहले तो इन गेस्ट टीचरों की नियुक्तियों पर ही धांधलियां हुईं, लेकिन फिर भी सरकार ने इनकी सेवाएं जारी रखी।

हर साल इन गेस्ट टीचरों का अनुबंध अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए बढ़ा दिया जाता था। आज तक गेस्ट टीचरों क सेवाएं इसी तरह अनुबंध के आधार पर ही जारी हैं।

नियमित होने को लाठियां भी खाई, जान भी गवाई

इन गेस्ट टीचरों ने विभिन्न एसोसिएशनों व संघों के बैनर तले गेस्ट टीचरों को नियमित करने की मांग लेकर खूब संघर्ष किया। धरने, प्रदर्शन से लेकर जाम लगाए। पुलिस की लाठियां इत्यादि तक प्रताड़ना झेली।

एक महिला गेस्ट टीचर की तो इसी संघर्ष के दौरान जान तक चली गई। गेस्ट टीचरों को नियमित करने का मामला पेचिदा होता गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया।

मसले में पेचीदगियां भी बढ़ती गई, लेकिन कांग्रेस सरकार इन गेस्ट टीचरों के रोजगार को नियमित करने पर कोई फैसला नहीं ले पाई। जिस वजह से इस बार चुनावों में भी गेस्ट टीचरों ने खुलकर कांग्रेस की मुखालफत की।
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अब नई सरकार में भी संशय बरकरार

अब हरियाणा में नई भाजपा सरकार आ गई हैं, लेकिन इन गेस्ट टीचरों के रोजगार पर संशय अभी भी बरकरार है। दरअसल, हरियाणा शिक्षा विभगा ने 30 अक्तूबर 2014 को कई गेस्ट टीचरों की फैकल्टी को टर्मिनेट करने के आर्डर जारी कर दिए थे।

लेकिन अचानक 31 अक्तूबर 2014 को हाईकोर्ट में चल रहे कुछ केसों का हवाला देकर इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया गया। फिलहाल हरियाणा शिक्षा विभाग इस मसले पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रही है।

इस मामले में अभी फाइल शिक्षा मंत्री को भेजी है। शिक्षा मंत्री ही सरकार से विचार-विर्मश कर इन गेस्ट टीचरों पर फैसला लेंगे। सरकार से जैसे निर्देश आएंगे, वैसी ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- विवेक अत्री, निदेशक, सेकेंडरी एजुकेशन, हरियाणा
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