चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 में अब दिल के गंभीर मरीजों की सर्जरी आधुनिक तकनीक से लैस हार्ट लंग मशीन द्वारा की जाएगी। यह सुविधा अब तक पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक और आईजीएमसी शिमला में ही उपलब्ध है। मंगलवार को एक करोड़ की लागत वाली हार्ट लंग मशीन जीएमसीएच-32 के कार्डियोथोरोसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट में इंस्टॉल की गई।
जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि अब तक पीजीआई की एक पुरानी मशीन का प्रयोग कर हार्ट के मरीजों की सर्जरी की जा रही थी लेकिन अब इस मशीन से दिल संबंधी सभी प्रकार के मर्ज जैसे वाल्व रिप्लेसमेंट, बाईपास सर्जरी, जन्मजात हृदय रोग, बच्चों के दिल में छेद जैसी बीमारियों का सफल इलाज हो पाएगा।
इस दौरान हेल्थ सेक्रेटरी अरुण गुप्ता की उपस्थिति में जीएमसीएच-32 और पीजीआई के बीच 1 साल का एमओयू साइन किया गया। डॉ. चवन ने बताया कि जीएमसीएच में इस मशीन के प्रयोग में पीजीआई टेक्निकल सपोर्ट देगा। एक साल बाद एमओयू की समय सीमा और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों को भी इस मशीन का पूरा लाभ मिलेगा।