पेंशन काटने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल में मार्च तक 2.61 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं। इन दो सालों में 2.41 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी पेंशन कटी है। लगभग 15000 मामले ऐसे हैं, जिनके आयु विवरण में कुछ गड़बड़ी पाई गई और पांच हजार लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दो माह तक पेंशन खाते से नहीं निकलवाई, इसलिए उनकी पेंशन बंद हो गई।
सीएम ने कहा कि पेंशन में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से 57 से 60 वर्ष आयु के व्यक्तियों का डाटा सत्यापन के लिए फील्ड में भेजा है। सत्यापन के बाद 60 वर्ष आयु होने पर इनकी पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को भी डिजिटल किया है और इसे परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया है, ताकि परिवार के सदस्यों की जानकारी स्वत ही अपडेट होती रहे।
30 लाख लोगों का डाटा सत्यापन को भेजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें चरण में लगभग 30.06 लाख परिवारों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया है। अभी तक 1.80 लाख रुपये आय से कम सत्यापित परिवारों की संख्या 13 लाख 53 हजार है। अनुमान है कि ऐसे परिवारों की संख्या 20 लाख के आसपास होगी। सत्यापित परिवारों में से अनुसूचित जाति के परिवारों की संख्या 31 प्रतिशत और पिछड़े वर्ग से संबंधित परिवारों की संख्या 37 प्रतिशत है।
भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गलती करते हैं लेकिन गलत काम नहीं। सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए वो काम किए हैं, जो पहले किसी ने सोचे भी नहीं थे। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक इत्यादि को रोकने के लिए वर्ष 2014 से अब तक 71 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और इन मामलों में 603 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवा मांगते हैं सरकारी नौकरी, हम दे रहे स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा रोजगार मेलों में यह बात सामने आई है कि रोजगार शुरू करने के बजाय युवा सरकारी नौकरी मांगते हैं। पहले चरण में 156 जगहों पर 292 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिनमें 90 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। दोनों मेलों से आए कुल आवेदनों में से 40000 आवेदन स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, इसलिए स्वरोजगार पर ध्यान देना चाहिए।