सरसों खरीद में हरियाणा का रिकॉर्ड
सीजन 2018-19 में हरियाणा में 2.3 लाख मीट्रिक टन सरसों खरीदा था। 2019-20 में 2.5 लाख मीट्रिक टन, 2020-21 में 3.1 लाख मीट्रिक टन सरसों खरीदा था। इसके बाद ओपन मार्केट में सरसों का दाम एमएसपी से ज्यादा हो गया। दो साल तक यहां सरसों खरीद न के बराबर हुई। 2021-22 में हैफेड सरसों का एक दाना भी नहीं खरीद पाया था।
भाकियू ने लिखा सीएम को पत्र
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी ने सरसों खरीद बंद करने के फैसले को विरोध किया है। चढ़ूनी ने इस बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 15 मई तक सरसों खरीद जारी रखने की मांग की है। भाकियू ने कहा कि इस बार मौसम खराब रहने के चलते अधिकतर किसान अपनी फसल मंडियों में नहीं ला सकें हैं, इसलिए उनको एमएसपी पर खरीद का मौका दिया जाए। वहीं, भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने चेताया है कि अगर खरीद की तिथि नहीं बढ़ाई तो भाकियू मंडियों के बाहर धरना देगी।
हरियाणा सरकार की तरफ से खरीद बंद की गई है। किसान संगठनों की मांग आई है कि खरीद चालू रखी जाए। इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात की जाएगी और इसके बाद आगामी फैसला लिया जाएगा। सरकार किसानों के साथ है और उनके हित में ही फैसला होगा। - कैलाश भगत, चेयरमैन, हैफेड।