ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एंप्लाइज फेडरेशन ने उठाए सीएम की घोषणा पर सवाल
चंडीगढ़। कच्चे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने के मंत्रिमंडल के फैसले पर ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एंप्लाइज फेडरेशन ने सवाल उठाए हैं। प्रधान सुभाष लांबा ने कहा कि पिछले कई महीने से ठेका कर्मियों को रेगुलर करने का शोर मचा हुआ था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम की घोषणा के अनुसार सरकार आउटसोर्स एवं एचकेआरएन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक सेवा सुरक्षा देने के लिए एक्ट लाएगी। लेकिन एक्ट कब लाएगी, जो कि विधानसभा में लाया जाता है, लेकिन विधानसभा का सत्र बुलाने पर चुप्पी है।
लांबा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कैबिनेट ने भी अगस्त-सितम्बर, 2014 में पंजाब के समान वेतन देने व रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 60 साल करने की घोषणा की थी, जो आज तक लागू नहीं हो पाई है। इसके अलावा, 2014 में पूर्व कांग्रेस सरकार ने रेगुलराइजेशन की तीन पाॅलिसी भी बनाई थी, जिसमें 4654 कर्मचारी रेगुलर हुए थे। सरकार की ओर से मजबूत पैरवी न करने के कारण हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। उन्होंने सवाल किया कि जब रेगुलर भर्ती होगी तब इन ठेका कर्मचारियों का क्या होगा, क्योंकि यह ठेका कर्मचारी स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध लगाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि घोषणा में सेवा सुरक्षा प्रदान करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर पेंशन व ग्रेच्यूटी पर भी चुप्पी है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को पे स्केल का बेसिक वेतन की बजाय समान काम, समान वेतन मिलना चाहिए।
50 हजार से अधिक वेतन लेने वाले अनुबंधित कर्मचारियों के लिए भी पालिसी बनाए सरकार : हुकटा
हरियाणा यूनिवर्सिटीज कांट्रैक्टचुअल टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि हरियाणा सरकार 50 हजार से अधिक वेतन लेने वाले अनुबंधित कर्मचारियों की नौकरी भी सुरक्षित करने के लिए पाॅलिसी लाई जाए। एसोसिएशन के राज्य प्रधान सहायक प्रोफेसर विजय कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर आउटसोर्स और अनुबंधित कर्मचारियों को लेकर एक्ट लाया गया है, लेकिन इसमें 50 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया है। एसोसिएशन ने मांग की कि सरकार पहले अनुबंधित कर्मचारियों को पक्का करे और इसके बाद खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए। एसोसिएशन ने चेताया है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो हुकटा की कोर कमेटी के निर्णय अनुसार काली पट्टियां बाजू पर बांधकर सांकेतिक रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर होगा और बाद में आगामी रणनीति बनाकर निर्णायक आंदोलन की भी जल्द घोषणा करेगा। इस मौके पर सुमन रंगा, पिंकी, अंजू, शीतल, सोहनलाल, संदीप, सुशीला, जितेंद्र, सोनू, अमित आदि साथी मौजूद रहे।