हरियाणा सरकार ने जाट आंदोलनकारियों के साथ हुए समझौते के अनुसार मृतकों के आश्रितों को पक्की नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 31 मृतकों में से 26 ने आवेदन किया था, जिनमें से एक आवेदक को मुरथल यूनिवर्सिटी में चतुर्थ श्रेणी के पद पर योग्यता अनुसार पक्की नौकरी का नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। अन्य आवेदकों को अगले 15 दिन के अंदर योग्यता अनुसार घर के पास नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। जिन पांच आवेदकों के आवेदन पर पेच फंसा हुआ है, उसे भी जल्दी सुलझाया जाएगा।
यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए गठित चार सदस्यीय समिति की तीसरी बैठक के बाद दी।
बेदी ने बताया कि बैठक बड़े ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हरियाणा निवास में शाम साढ़े चार बजे शुरू हुई। इसमें आंदोलन के दौरान बीते वर्ष मारे गए आंदोलनकारियों के आश्रितों को नौकरी और घायलों को मुआवजा देने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार की ओर से आईजी नवदीप सिंह विर्क, जाटों के प्रतिनिधि अतिरिक्त महाधिवक्ता एसएस खरब और एक अन्य अतिरिक्त महाधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक में एक आवेदक को सौंपे गए नियुक्ति पत्र की प्रतिलिपि भी रखी गई। अगली बैठक 11 मई को चार बजे हरियाणा निवास में ही होगी। इससे पहले अभी तक आए सभी आवेदनकर्ताओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ही घायल बचे हैं, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने भी जल्दी राशि वितरित कर दी जाएगी।