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जेल ब्रेक पर घिरी सरकार, विरोधी बोले- सरकारी रजामंदी के बिना वारदात नामुमकिन

Mon, 28 Nov 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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नाभा जेल ब्रेक
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिन-दिहाड़े नाभा जेल को तोड़े जाने के पीछे बादल सरकार की रजामंदी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रतीत होता है कि पुलिस वर्दी पहने गैंगस्टर आराम से जेल में गए और बिना रोके मिंटू को अन्यों के साथ छुड़ाकर फरार हो गए। 
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यह स्पष्टतौर पर उच्चस्तरीय अथॉरिटीज की मिलीभगत से पूर्व नियोजित साजिश थी। उन्होंने कहा कि 10 आतंकवादी केसों में आरोपी खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के प्रमुख को छुड़ाना साफ इशारा करता है कि यह सीमापार की ओर से पंजाब में दोबारा आतंकवाद पैदा करने हेतु किया गया प्रयास है। 

उन्होंने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कठोर किए जाने और मिंटू व अन्य गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए सख्त उपाय करने की मांग की है।
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आप ने मांगा सुखबीर और ठंडल का इस्तीफा

संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने नाभा जेल पर हमले के मामले में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और जेल मंत्री सोहन सिंह ठंडल का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि एक आतंकी समेत कई गैंगस्टर फरार होने की घटना में इन दोनों की सीधी जिम्मेदारी बनती है।

संजय सिंह ने कहा कि सुखबीर बादल को अब गृह मंत्रालय अपने पास रखने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि राज्य दिन प्रतिदिन अराजकता की तरफ बढ़ रहा है। नामधारी संप्रदाय की माता चंद कौर की हत्या की गई, बेअदबी की कई घटनाएं हुईं, नशों का कारोबार और आरएसएस नेता की हत्या के बाद अब नाभा जेल पर हमला हुआ है। 

सुखबीर बादल गृहमंत्री के रूप में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। सुखबीर के अधीन काम करने वाली पंजाब पुलिस भी नाभा जेल पर हमले के बाद तुरंत हरकत में आने में नाकाम रही। 

उल्टे समाना में गैंगस्टरों का पीछा करते हुए पुलिस ने फायरिंग में एक 24 साल की निर्दोष युवती को मार दिया। संजय सिंह ने कहा कि अगर सुखबीर सही कह रहे हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है तो केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी इस्तीफा देना चाहिए। 

'जेल ब्रेक कांड के पीछे सुखबीर-मजीठिया की मिलीभगत'

नाभा जेल ब्रेक
सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने नाभा जेल पर हमले के मामले में पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना गृहमंत्री व पुलिस अधिकारियों की सीधी रजामंदी के बिना मुमकिन ही नहीं है। 

इसकी समयबद्ध जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए। अकाली-भाजपा सरकार को अब सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। चन्नी ने कहा कि सुखबीर द्वारा व्यक्तिगत तौर पर पेश किए गए सिस्टम में पुलिस के राजनीतिकरण के परिणाम स्वरूप कानून-व्यवस्था के फेल होने का बड़ा मामला है। 

राज्य में कानून-व्यवस्था की हर विफलता के लिए सुखबीर जिम्मेदार हैं। अगर वह नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेते हैं तो इसका मतलब सिर्फ गैंगस्टरों और आतंकियों को भगाने में रजामंदी देना होगा। चन्नी ने कहा कि हमलावर जिन छह कैदियों को छुड़ा ले गए, वे आम अपराधी नहीं हैं और जिस जेल से छुड़ाया गया, उसे सबसे मजबूत माना जाता है।

 हमलावर आए और छह अपराधियों सहित फरार हो गए, उनमें से कोई भी जख्मी नहीं हुआ। यह हमला साजिश के तहत किया गया, हमलावरों को जेल के बारे में पूरी जानकारी थी। इसके पीछे हर स्तर पर रजामंदी से इंकार नहीं किया जा सकता। 

चन्नी ने आशंका जताई कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का माहौल बिगाड़ने की साजिश हो सकती है, ताकि लोगों में डर पैदा कर मतदान को प्रभावित किया जा सके। इससे यह भी साबित हो गया है कि आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों ने हाथ मिला लिए हैं। यह राज्य के हालात को खराब कर सकता है।

नाभा जेल पर हमले ने खोली सरकार की पोल : जाखड़

सुनील जाखड़ - फोटो : अमर उजाला
 प्रदेश कांग्रेस उप प्रधान सुनील जाखड़ ने कड़ी सुरक्षा वाली नाभा जेल पर हमला कर एक आतंकी समेत नामी गैंगस्टरों को छुड़ाने की घटना को सरकार के माथे पर कलंक बताया है।

सीधे तौर पर गृह मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जाखड़ ने कहा कि अब सुखबीर बादल को कुर्सी पर बने रहने का कोई नैतिक व प्रशासनिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्यपाल व राष्ट्रपति से मुलाकातों के दौरान राज्य में बदहाल कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने की जो मांग की थी, इस घटना ने उसे सही ठहराया है। कांग्रेस ने कई बार कहा है कि पुलिस पर गैंगस्टर राजनीतिक संरक्षण के कारण हावी हैं।

वे जब जी चाहे, जहां चाहे, बड़ी वारदात को अंजाम दे देते हैं। ऐसी कई वारदातें हुई हैं कि सुरक्षा के बावजूद गैंगस्टर अपने साथियों को पुलिस के कब्जे से छुड़ा कर ले गए। गुप्तचर एजेंसियों की चेतावनी के बाद भी जिस तरह से छह नामी कैदी नाभा जेल से छुड़ा लिए गए, उससे सिद्ध हो गया है कि पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। 
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बिना सरकारी शह इतना बड़ा कांड मुमकिन नहीं : शिवसेना 

नाभा जेल ब्रेक
शिव सेना पंजाब के पदाधिकारियों ने कहा कि नाभा जेल पर हमले की घटना बेहद शर्मनाक और है। इसके लिए सीधे सीधे पंजाब के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल भी जिम्मेदार हैं। 

शिवसेना पंजाब प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पलटा और प्रदेश प्रवक्ता विपन शर्मा ने श्री हनुमान गढ़ी में आयोजित एक बैठक में यह बात कही। 

इस दौरान सचिव संजीव त्रेहन, जिला प्रधान डॉ. रवि दत्त, शहरी प्रधान अंकुर बेदी, जिला यूथ प्रधान सुमित भंडारी, मनजीत सिंह, अशोक आहूजा प्रधान व्यापार सेल, राजू नैयर, डिंपी दारा, गौरव बग्गा मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा कांड सरकारी शह और सरपरस्ती के बिना नहीं हो सकता। 
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