चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी होली के बाद विद्यार्थियों को फिर से ऑनलाइन डिग्रियां मुहैया करा सकती है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। पहले डिग्रियां अपलोड होंगी और कुछ फीडिंग का काम भी होगा। इसके बाद एक पासवर्ड के जरिए छात्र घर बैठे ही डिग्रियां पा सकेंगे। पीयू ने दो साल पहले योजना बनाई थी कि विद्यार्थियों को डिग्रियां ऑनलाइन दी जाएंगी। इसकी शुरुआत पीएचडी की डिग्रियों से हुईं। इसका लाभ बड़े पैमाने पर छात्रों को मिला तो पीयू ने फिर परास्नातक की डिग्रियां भी ऑनलाइन मुहैया कराने की योजना बनाई। विज्ञान व वाणिज्य संकाय के परास्नातक विद्यार्थियों को प्रथम चरण में इसका लाभ मिलेगा।
बता दें वर्ष 2016-17 से पासआउट हुए पीजी विद्यार्थियों की लगभग 16 हजार डिग्रियों को ऑनलाइन किया गया। इसी बीच कोरोना आ गया। ऐसे में पीयू के सामने संकट खड़ा हुआ कि परीक्षाएं कैसे होंगी। ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प निकाला गया और कॉपियां जाचीं गईं। इसी में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का समय चला गया और डिग्रियां ऑनलाइन नहीं हो पाईं। हालांकि पीयू ने कहा था कि जल्द ही इस पर काम शुरू करेंगे। अब धीरे धीरे डिग्रियों को ऑनलाइन करने पर काम चल रहा है। पीयू ने कहा है कि कोशिश की जा रही है कि होली के बाद ऑनलाइन डिग्रियां छात्रों को मिलेंगी। इस व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा। पीयू ने संबंधित एजेंसी को डिग्री का प्रोफार्मा दिया है, जो विद्यार्थियों को मिलेगी, उस पर कहीं भी सवाल नहीं उठाए जा सकेंगे। यदि कहीं नौकरी या दाखिले के लिए विद्यार्थी वेरिफिकेशन करवाना चाहते हैं, तो वे सीधे संबंधित संस्थान को कोड दे देंगे, जहां एक ही मिनट में वेरिफाई कर दिया जाएगा। इससे समय की बचत होगी और काम भी आसानी से हो जाएगा।
अन्य रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होंगे
पीयू की योजना यह भी है कि विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक जितने विद्यार्थी पढ़े हैं, उनका पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होगा, जिसको एक कोड के जरिए चेक किया जा सकेगा। इससे समय की बचत भी होगी और छात्रों को राहत मिलेगी। रिकॉर्ड जब कंप्यूटर पर आ जाएगा तो फिर फाइलें आदि खराब होने पर ही देखा जा सकेगा, क्योंकि कई संस्थान ऐसे हैं जहां पर आग आदि लगी तो रिकॉर्ड जल गया जिससे संस्थानों को परेशानियां हुईं। अब रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएगा तो ऐसे दिक्कतें नहीं होंगी।