अब हर पूर्व फौजियों और वीर नारियों को अब हर आकार के मकान पर हाउस टैक्स में छूट मिलेगी। साथ ही किराएदार रखने वाले हिस्से पर भी टैक्स अदा नहीं करना पड़ेगा।
30 मार्च को होने वाली नगर निगम की सदन की बैठक में यह प्रस्ताव पास होने के लिए आ रहा है। प्रशासन से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। अब तक प्रशासन की ओर से जारी नोटिफिकेशन में सिर्फ 300 स्क्वेयर यार्ड के कवर एरिया वाले रिटायर्ड आर्मी अधिकारियों के मकानों को हाउस टैक्स से छूट थी, इससे 99 प्रतिशत पूर्व फौजियों को कोई राहत नहीं मिली क्योंकि सभी फौजियों के मकान इससे ज्यादा एरिया के हैं। इस समय शहर में 12 हजार फौजियों के घर हैं।
सोमवार को रिटायर्ड मेजर एवं मनोनीत पार्षद डीएस संधू ने पंजाब की तर्ज पर पूर्व फौजियों के हर एरिया के मकान पर हाउस टैक्स पर छूट देने का प्रस्ताव मेयर अरुण सूद को दिया, जिसे सूद ने मंजूर कर लिया।
मेयर का कहना है कि प्रशासन से इसे मंजूरी दिलवाने के लिए वह प्रशासक से मिलेंगे। मालूम हो कि प्रशासन की ओर से पिछले साल ही शहरवासियों पर हाउस टैक्स थोपा गया है। उस समय 20 से 40 प्रतिशत तक छूट भी दी गई थी, लेकिन नए सत्र में छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
फौजी परिवारों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष
रिटायर्ड मेजर एवं मनोनीत पार्षद डीएस संधू का कहना है कि वह कोई अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि पंजाब में जो सुविधा मिल रही है उसकी ही मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि किराएदार की शर्त प्रशासन को हटानी चाहिए। प्रशासन ने जो 12 मरले तक छूट दी है, वह एक तरह से चंडीगढ़ के रिटायर्ड फौजियों के साथ सौतेला व्यवहार है। उनका कहना है कि 30 मार्च की सदन की बैठक में सभी एरिया के मकान पर हाउस टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव मेयर की मंजूरी से आ रहा है।