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गोल्ड मेडलिस्ट पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझड़िया का हरियाणा से खास कनेक्शन

Sat, 17 Sep 2016 04:28 PM IST
रूपेश मित्तल/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
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गोल्ड मेडलिस्ट पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझरिया - फोटो : फाइल फोटो
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रियो पैरालंपिक में विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले देवेंद्र झाझड़िया उर्फ पप्पू का हरियाणा के एक गांव से खास कनेक्शन है। ये है भिवानी का गांव मंढोली कलां, जो लाड़ले भांजे पप्पू की उपलब्धि पर गद्गद है और पूरे गांव में जश्न का माहौल है।
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रियो पैरालंपिक में विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले देवेंद्र झाझड़िया उर्फ पप्पू के साथ मंढोली कलां गांव का तीरवाला जोहड़ भी सुर्खियों में आ गया। यह वही जोहड़ है, जहां उसने अपने भाले को धार दी।

12 साल बाद अपने ही रिकार्ड को ध्वस्त कर देवेंद्र ने गोल्ड जीता। उसकी उपलब्धि पर मंढोली कलां के उसके दोस्त चहक उठे। उसके करीबी दोस्त नरेंद्र, संदीप, मंजीत, कुलदीप, पवन ने बताया कि देवेंद्र का अक्सर गांव में आना जाना रहता है। वह यहां दो-दो महीने तक रुकता था।
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जितने दिन रुकता है वह प्रेक्टिस के लिए तीरवाला जोहड़ जाता और वहां घंटों तक भाला फेंकने की प्रैक्टिस करता। गांव में जब भी क्रिकेट, कबड्डी के टूर्नामेंट होते तो देवेंद्र सूचना मिलते ही फौरन चला आता।
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मूंग-चावल की खिचड़ी का शौकीन

गोल्ड मेडलिस्ट पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझरिया - फोटो : फाइल फोटो
देवेंद्र की मामी बीरमति ने बताया कि उसे मूंग चावल की खिचड़ी बहुत पसंद है। मामा हवा सिंह ने बताया कि देवेंद्र बहुत ही मिलनसार और मेहनती है। वह हमेशा उनसे अपने बच्चों जैसा व्यवहार करता।

हरियाणा से खेलने की थी ललक
देवेंद्र वैसे तो राजस्थान के राजगढ़ तहसील के रतनपुरा, डोकवा गांव के समीप झाझड़िया की ढाणी गांव का है। मामा के लड़के रामनिवास, आजाद, राजपाल, प्रकाश, सतपाल ने बताया कि देवेंद्र को अपने ननिहाल मंढोली कलां से विशेष लगाव है।

पैरालंपिक जाने से पहले उसने यह भरसक प्रयास किया कि वह ट्रांसफर लेकर हरियाणा की ओर से खेले। उसने प्रशासनिक स्तर पर भी कुछ तैयारियां कर ली थी लेकिन बाद में उसे बताया कि पैरालंपिक खेलों तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी।
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