चंडीगढ़। जीएमसीएच 32 की ओपीडी में आए मरीजों को शनिवार को बिना इलाज लौटना पड़ा। रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर होने से ओपीडी का दरवाजा बंद रहा। अलग-अलग विभागों में दिखाने आए मरीजों को पहले तो घंटेभर इंतजार करवाया गया, उसके बाद ओपीडी के बाहर का दरवाजा बंद कर अंदर आने से रोक दिया गया। आखिरकार मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। हैरानी की बात है कि जिन मरीजों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की, सिर्फ उन्हें ही इलाज नसीब हो सका। वहीं, पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों ने दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर काम किया। उधर, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल 6वें दिन भी जारी रही। इमरजेंसी में नाममात्र ही सेवा बहाल रही।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार इतनों को मिला परामर्श
तिथि ओपीडी में देखे गए मरीज
6 दिसंबर 1898
7 दिसंबर 1769
9 दिसंबर 265
10 दिसंबर 265
11 दिसंबर 115
क्या कहते हैं अधिकारी
रेजिडेंट डॉक्टर वार्ता के बाद धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं। इमरजेंसी के साथ ही ओपीडी और अन्य सुविधाएं पुन: सामान्य होने लगी हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को बिना इलाज के नहीं लौटाया जा रहा।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32