आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज कराने वाले पंजाब के मरीजों पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बकाया भुगतान न होने पर चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 ने एक बार फिर पंजाब के मरीजों के इलाज पर रोक लगाना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत इलेक्टिव सर्जरी पर रोक के साथ कर दी गई है।
इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बकाया राशि चार करोड़ से ज्यादा हो गई है। जब तक भुगतान नहीं होता तब तक इलाज शुरू करना संभव नहीं होगा। इस बारे में स्वास्थ्य निदेशक और स्वास्थ्य सचिव को सूचना दी जा चुकी है। उनके निर्देश के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा। इमरजेंसी केस अब भी भर्ती किए जा रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले भी बकाया भुगतान में देरी को लेकर जीएमसीएच 32 ने मई 2022 में पंजाब के लाभार्थियों के इलाज पर रोक लगा दी थी। उसके बाद जुलाई में यूटी प्रशासन के अंतर्गत शामिल अस्पतालों व अगस्त में पीजीआई में भी मरीजों को वापस किया जाने लगा था। उस स्थिति में मरीजों को राहत देने के लिए पंजाब सरकार ने किस्तों में भुगतान शुरू किया था। इसके बाद पंजाब के लाभार्थियों के इलाज की सुविधा बहाल की गई थी लेकिन अब एक बार फिर वही स्थिति बनने लगी है। हालांकि जीएमसीएच 32 की ही तरह पीजीआई और यूटी प्रशासन के अंतर्गत संचालित अस्पतालों में भी योजना की बकाया राशि बढ़ने लगी है।
पहले यहां था इतना बकाया
अस्पताल बकाया भुगतान
पीजीआई 16 करोड़ 10.40 करोड़ रुपये
जीएमसीएच 32 2.3 करोड़ 86 लाख रुपये
यूटी प्रशासन के अस्पताल तीन करोड़ 21 लाख रुपये