अश्लील हरकतों से परेशान होकर 82 छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया। मामले में मानवाधिकार ने संज्ञान लेते हुए डीसी को तलब किया है। मामला हरियाणा के रेवाड़ी का है। जिले के गांव सूमा खेड़ा और कतोपुरी में मनचलों की हरकतों से परेशान छात्राओं की ओर से स्कूल छोड़ने के मामले का मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने रेवाड़ी जिले के उपायुक्त को नोटिस जारी कर कर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब कर ली है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस विजेंद्र जैन ने विभिन्न समाचार पत्रों में उक्त प्रकरण के बारे में छपी खबरों को आधार बनाते हुए रेवाड़ी जिले के उपायुक्त से जानना चाहा है कि अब तक जिला प्रशासन ने इस मामले में क्या सुनवाई की है। आयोग की ओर से जारी नोटिस में मीडिया की खबरों का जिक्र किया गया है। लिखा गया है कि कोसली के गांव सूमा खेड़ा व कतोपुरी गांव की 82 छात्राओं समेत कुल 134 लड़कियां निकटवर्ती लाला गांव में पढ़ने जाती हैं।
लाला गांव के कुछ असामाजिक तत्व छात्राओं को स्कूल आते-जाते समय छेड़ते हैं और अश्लील हरकतें करते हैं। इस बारे में दोनों गांवों के लोगों का कहना है कि प्रशासन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रहा है। जस्टिस विजेंद्र जैन ने छात्राओं के साथ इस दुर्व्यवहार की घटना को गंभीरता से लेते हुए रेवाड़ी के उपायुक्त से पूरे मामले की जांच व तथ्यपरक रिपोर्ट कैंप कोर्ट हरियाणा भवन नई दिल्ली में पेश करने के निदेश जारी किए हैं।
जस्टिस विजेंद्र जैन ने कहा है कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। देश में एक ओर तो बेटियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं को स्कूल जाने से रोकने और उन्हें परेशान करने का मामला सामने आ रहा है।