फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: पीजीआई में दोनों पैर काटने के बाद भी नहीं बची छात्रा, दर्दनाक मौत से लोगों में मातम

विज्ञापन
विज्ञापन
बीते 12 फरवरी को दसवीं का पेपर देने के बाद मां के साथ घर लौट रही थी बेटी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
लालड़ू। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर आईटीआई चौक के निकट मिट्टी से भरे टिप्पर नीचे आई 17 वर्षीय नाबालिक छात्रा ने एक सप्ताह बाद पीजीआई चंडीगढ़ में मंगलवार दोपहर बाद दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान डॉक्टरों को उसके दोनों पैर काटने पड़े थे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों के हवाले किया जाएगा। इस दर्दनाक मौत के बाद लोगों में मातम का माहौल है। जिस-जिस ने इस छात्रा के हादसे के बारे में सुना, वह शोक में डूबा हुआ है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक हंसती खेलती जिंदगी को खौफनाक हादसे ने कैसे छीन लिया, सभी की जुबान पर यही चर्चा है। लोग उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
जांच अधिकारी एएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को भावना की मौत की सूचना करीब शाम चार बजे मिली, जबकि भावना ने करीब तीन बजे दम तोड़ दिया था। पीजीआई में अभी तक उसकी मेडिकल फाइल की औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण शाम तक भावना के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। अब पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। उन्होंने बताया कि हादसे में शामिल टिप्पर और उसके चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जो जमानत पर टिप्पर समेत छोड़ दिए गए। भावना की मौत के खिलाफ बाद अब चालक के खिलाफ आईपीसी 304 ए की धारा भी जोड़ दी गई है।
विज्ञापन

होश में आने से पहले हार गई जिंदगी की जंग
मृतका के पिता नवीन ने दुखी मन से बताया कि उसकी होनहार बेटी ने मंगलवार शाम करीब तीन बजे दम तोड़ दिया। पिता ने बताया कि हादसे के बाद भावना को अभी तक होश भी नहीं आया था और न ही उसे अपनी टांगें काटे जाने का पता था। परिवार इस बात को लेकर गहरी चिंता में था कि भावना के होश आने पर जब उसे पता चलेगा कि उसकी दोनों टांगें घुटनों से ऊपर तक शरीर से अलग की जा चुकी हैं तो वह इस सदमे को कैसे झेल भी पाएगी। लेकिन बेटी होश में आने से पहले जिंदगी की जंग हार गई।
भावना पढ़ाई में बेहद होनहार थी : प्रिंसिपल
सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल लालड़ू की प्रिंसिपल समेत पूरे स्टाफ ने भावना की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है। प्रिंसिपल दविंदर कौर और क्लास टीचर गुरिंदर ने बताया कि भावना पढ़ाई में बेहद होनहार थी और पूरा स्टाफ उसकी सलामती के लिए अरदास कर रहा था, परंतु भावना को बचाया नहीं जा सका। ज्ञात रहे कि भावना 12 फरवरी को बोर्ड की दसवीं की परीक्षा का पहला पेपर देकर अपनी मां के साथ घर लौट रही थी जैसे ही वे आईटीआई चौक लालड़ू के निकट पहुंचे तो मिट्टी से भरे टिप्पर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में भावना की दोनों टांगें टिप्पर के टायरों के नीचे बुरी तरह से कुचली गई थीं। पीजीआई चंडीगढ़ में आपरेशन दौरान 15 फरवरी को बाईं टांग और 19 फरवरी को उसकी दूसरी टांग भी काटनी पड़ी थी। इसके बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया।

लालड़ू में मिट्टी से ओवरलोड टिप्परों के आतंक से लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। टिप्पर हादसों में कई लोगों की जान ले चुके हैं। कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं।
विज्ञापन

इससे पहले भी जा चुकी हैं कई जानें
इस हादसे से पहले गत वर्ष 14 नवंबर को लैहली के निकट ढाई साल के बच्चे सहित मां की मौत हो गई थी। इस वर्ष 9 जनवरी को मलकपुर ज्योली लिंक मार्ग पर टिप्पर की चपेट में आने से ईंट-भट्ठा मजदूर की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव तोगापुर में टिप्पर की चपेट में आने से बच्ची समेत दो ग्रामीण बाल बाल बच गए थे। जबकि ओवरलोड टिप्परों से ग्रामीण और राहगीर इतने परेशान हैं कि लोगों ने घरों से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। किसान यूनियन उगराहां के अलावा कई बार ग्रामीण लिंक मार्गों पर अपना रोष प्रकट कर चुके हैं। जबकि लोग कई बार प्रशासन से कार्रवाई के रूप में लिंक सड़कों पर दिन रात दौड़ रहे टिप्परों पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने आश्वासन के सिवाय कोई कार्रवाई नहीं की है। इसको लेकर लोगों में सरकार के खिलाफ भारी रोष है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें