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घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ा, 10 हजार क्यूसिक से भी ज्यादा बह रहा पानी, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

Tue, 14 Jul 2020 09:11 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
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उफान पर घग्घर नदी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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बरसाती नदी घग्घर में कई वर्षों बाद लगातार चौथे दिन भी जलस्तर में वृद्धि हो रही है। घग्घर में पानी का जलस्तर बढ़ने का कारण पंजाब व हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में बारिश का होना बताया जा रहा है। सोमवार को फतेहाबाद के चांदपुरा साइफन में पानी का बहाव 6600 क्यूसिक था जो मंगलवार सुबह 9600 व मंगलवार शाम को 10100 क्यूसिक दर्ज किया गया है। मालूम रहे कि चांदपुरा की क्षमता 20 हजार के करीब है। 

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हिमाचल की पहाड़ियों और पंजाब के ऊपरी क्षेत्रों और हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर में बारिश होने से यहां लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार फतेहाबाद के चांदपुरा में सोमवार को 6600 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया। जबकि गुहला चीका का जलस्तर 15403 व खनौरी का 8150 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया। 

मंगलवार को चांदपुरा का जलस्तर 10100, खनौरी का 9200 व गुहला चीका का 16 हजार 940 क्यूसिक दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी दिन रात घग्घर पर गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी ठीकरी पहरे के लिए अलर्ट कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियत्रंण कक्ष में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। 

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घग्घर नदी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ऐसे बढ़ा जलस्तर 

  • घग्घर नदी के साइफन         चांदपुरा        खनौरी            गुहलाचीका
  • शनिवार                             1640            2200            3080
  • रविवार                              1980            4050            6180
  • सोमवार                             6600            8150            15403
  • मंगलवार                           10100          9000            16940

घग्घर के चांदपुरा साइफन की क्षमता 20 हजार के करीब है। यहां का जलस्तर 14 हजार क्यूसिक तक पहुंचता है तो पानी का बहाव रंगोई नाले की तरफ हो जाता है। 5 से 7 हजार क्यूसिक पानी रंगोई नाले की तरफ चला जाता है। इसके बाद अगर बढ़ता है तो यहां घग्घर के कमजोर किनारे टूट जाते हैं या पानी रिस-रिस कर खेतों में आ जाता है। घग्घर के दोनों ओर किनारों में पानी आने से कुछ गांवों में पानी भर जाता है जिसके बाद बाढ़ आ जाती है।  
घग्घर के पानी पर जिला प्रशासन की पूरी निगाह है। आवश्यक सामान व उपकरण रखवा दिए गए हैं। सिंचाई विभाग ने अपने कंट्रोल रुम स्थापित कर रखे हैं। जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिनमें 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। बाढ़ से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। हमारी सूचना के अनुसार पीछे से पानी का बहाव कम हो गया। बुधवार से यहां भी पानी का स्तर कम हो जाएगा।  -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद। 
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