उन्होंने दावा किया कि कॉपर में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं और इसलिए यह कुछ ही घंटों में इस पर लगे वायरस को खत्म कर देते हैं। इसके अलावा प्लाज्मा आयोनाइजर एयर उपकरणों का प्रावधान एसी कोचों के एसी डक्ट में किया गया है जिससे हवा डिसइंफेक्ट व फिल्टर होकर ही कोच के अंदर दाखिल होगी, जो कोचों को कोविड -19 से बचाता है।
जीएम ने बताया कि इन पोस्ट कोविड कोचों के अंदर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की नैनो कोटिंग की गई है, जो पर्यावरण के अनुकूल जल आधारित कोटिंग है और वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और अधिक महत्वपूर्ण रूप से इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है।
टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है और इंसान के लिए सेफ है। यह कोटिंग हर उस जगह, वॉशबेसिन, लैवेटरी, सीट और बर्थ, स्नैक टेबल, ग्लास विंडो, फ्लोर और अन्य सतह, पर की गई है जो इंसान के संपर्क में आती हैं। वहीं कोच में कई स्थानों पर कोविड से बचाव व सावधानियों को दर्शाते स्टिकर लगाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया ये कोच बेशक रेल यात्रियों में बिना खौफ के रेल यात्रा करने का आत्मविश्वास पैदा करेंगे और कोरोना के घातक खतरे से लड़ने में मदद करने को पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने दुनिया में ऐसी पहली ट्रेन बनाने का भी दावा किया है।