सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल से फिर एक भ्रूण बरामद किया गया। दो-तीन महीने का यह नर भ्रूण बाथरूम के डस्टबिन में पड़ा था। एक महीने में भ्रूण मिलने की यह दूसरी वारदात है।
इससे पहले नवरात्र के दौरान कन्या भ्रूण मिला था। भ्रूण के पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उसे दफना दिया गया।
खास बात यह है कि इस बार भी भ्रूण कमलेश नाम की सफाई कर्मचारी को ही मिला, जिसे पिछली दफा भी मिला था। कमलेश ने सफाई के दौरान यह भ्रूण देखा।
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई। ऐसा पहली बार नहीं है, जब अस्पताल में इस तरह से भ्रूण मिला हो। इस पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भ्रूण बाहर से लाकर फेंके जाते हैं।
भ्रूण मिलते रहे, पर आरोपियों का पता नहीं चला
अस्पताल में कई बार भ्रूण मिले, लेकिन इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को पता नहीं चल सका।
बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं से लग रहा है कि अस्पताल उन महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है, जो बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती हैं।
- इसी साल चार अक्तूबर में अस्पताल से कन्या भ्रूण मिला। पुलिस ने सारा रिकॉर्ड कब्जे में लिया, लेकिन अस्पताल में भर्ती किसी मरीज का उससे कोई वास्ता नहीं था।
-पांच अक्तूबर को घग्गर पुल किनारे कन्या भ्रूण मिला, लेकिन कोई सुराग नहीं।
-18 अगस्त 2012 को अस्पताल में कन्या भ्रूण मिला, जांच में नतीजा जीरो।
-29 जुलाई 2011 को भी अस्पताल में भ्रूण मिला था, नतीजा जीरो।