चंडीगढ़। सेक्टर-26 मंडी की 15 शुल्क पार्किंग का टेंडर मंगलवार को 2 करोड़ 21 लाख 21 हजार 121 रुपये में कर दिया गया। इससे पहले यह टेंडर 61 लाख रुपये में गया था। पिछली कंपनी का टेंडर मार्च में ही खत्म हो गया था, लेकिन कोरोना के कारण इसे तीन माह आगे बढ़ा दिया गया था। अब मंडी कमेटी ने इसका टेंडर कर दिया है।
मंडी कमेटी के सचिव जरनैल सिंह मावी ने बताया कि पार्किंग के लिए 14 अगस्त को ई-टेंडर किया था। इसका बेस प्राइज 60 लाख रुपये रखा था। टेंडर के लिए 2 कंपनियों ने आवेदन किया था। मोहम्मद इदरिश एंड कंपनी ने टेंडर के लिए 2 करोड़ 21 लाख 21 हजार 121 रुपये की बोली लगाई। वहीं दूसरी कंपनी ने 1 करोड़ 65 लाख 53 हजार 786 रुपये की बोली लगाई थी। अंत मे ज्यादा बोली लगाने वाले को टेंडर दे दिया गया। सचिव का कहना है कि कोरोना काल में कमाई बढ़ने से कमेटी व मंडी को काफी फायदा होगा। एक सप्ताह के भीतर टेंडर का पत्र कंपनी को दे दिया जाएगा। इससे पहले भी मोहम्मद इदरिश ही यहां की पार्किंग साइट चला रहा था।
जानकारी के अनुसार अब सेक्टर-17 बस स्टैंड से मंडी सेक्टर-26 में आ गई है। पार्किंग का टेंडर इतना महंगा जाने का एक बड़ा कारण यह भी है कि मार्केट कमेटी ने पार्किंग के रेट भी बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अब मंडी आने वाले लोगों को पहले से ज्यादा पार्किंग शुल्क अदा करना होगा। यहां पर आने वाले वाहनों पर घंटे के हिसाब से शुल्क देना होगा। इससे यहां के दुकानदारों की भी मुश्किल बढ़ जाएगी। टेंडर के अनुसार यहां की 15 शुल्क पार्किंग साइट 24 घंटे चलेगी। अब तक पूरे दिन के लिए वाहन पार्क होने पर एक ही शुल्क तय था। टेंडर के अनुसार दोपहिया वाहन का पूरे दिन का डे-पास 15 और कार का पास 25 रुपये का बनाया जाएगा। वहीं मंडी में जो किसान अपनी ट्राली लेकर आएंगे, उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा।
पार्किंग शुल्क के दाम बढ़ाने से ग्रेन मार्केट एसोसिएशन नाराज
सेक्टर-26 मंडी में दूसरे राज्यों से प्रतिदिन सब्जी और फल के ट्रक आते हैं। इसके अलावा ट्राइसिटी से लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। वहीं हिमाचल, पंजाब से दुकानदार भी होलसेल में सामान खरीदने के लिए आते हैं। पार्किंग शुल्क के दाम बढ़ाने से ग्रेन मार्केट एसोसिएशन भी नाराज है। उन्होंने इसकी शिकायत भाजपा अध्यक्ष और प्रशासन को की है।