चंडीगढ़। चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा की दो दिवसीय रामलीला प्रतियोगिता में सेक्टर-28बी के गढ़वाल रामलीला एवं दशहरा मंडल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार पुरस्कार अपने नाम किए। मंडल को रामसेतु दृश्य के प्रभावशाली मंचन के लिए सर्वश्रेष्ठ दृश्य का प्रथम पुरस्कार मिला। प्रतियोगिता में शहर की 10 रामलीला कमेटियों ने हिस्सा लिया।
मंडल को सर्वश्रेष्ठ रूप-सज्जा का पुरस्कार सुशांत, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन के लिए डॉ. रजनी बजाज और अरविंद शर्मा तथा सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए मुकेश शर्मा को सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि कलाकारों ने केवल एक रात में दृश्य तैयार कर अभ्यास किया।
निर्देशक रजनी बजाज ने बताया कि मंचन में सेतु निर्माण से पहले भगवान श्रीराम द्वारा शिवलिंग स्थापना और रावण को आचार्य के रूप में आमंत्रित करने का प्रसंग दिखाया गया। इसमें भक्ति, विद्वता, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश दिया गया। दृश्य में 20 कलाकारों ने अभिनय किया। श्रीराम की भूमिका कृष्णा भट्ट, रावण की उदय पराशर और हनुमान की भूमिका वरिंदर पराशर ने निभाई।
प्रतियोगिता में सेक्टर-26 बापूधाम के सरस्वती ड्रामाटिक क्लब को सर्वश्रेष्ठ संगीत का पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी के प्रदीप को मामा मारीच की भूमिका के लिए दिया गया। नारी प्रतिशोध दृश्य के लिए नवयुग कमेटी को दूसरा और रावण-मेघनाद संवाद के लिए सेक्टर-26 बीडीसी के सरस्वती ड्रामाटिक क्लब को तीसरा पुरस्कार मिला। महासभा अध्यक्ष भूपिंदर शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।