चंडीगढ़। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर इंद्रप्रीत उर्फ पैरी को चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार को दबोच लिया। उससे एक बंदूक व कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस इंद्रप्रीत को वीरवार को जिला अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इंद्रप्रीत से पूछताछ में शहर के आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और क्लब संचालकों से रंगदारी मांगने के मामले में अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। बताया जा रहा है कि इंद्रप्रीत लॉरेंस का बेहद करीबी है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर इंद्रप्रीत सिंह पैरी सेक्टर-33 में छिपकर बैठा है और उसके पास अवैध हथियार हैं। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर-33 में दबिश दी। पुलिस को देखकर इंद्रप्रीत ने भागने की कोशिश की लेकिन कांच लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि इंद्रप्रीत लंबे समय तक जेल में बंद था। वर्ष 2021 में वह जमानत पर छूटा था।
इससे पहले भी पुलिस ने लॉरेंस व संपत नेहरा के गुर्गों को पकड़ा था
इससे पहले पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा के दो गुर्गों को रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। बीते 9 फरवरी को पुलिस ने किशगढ़ निवासी मंजीत सिंह उर्फ सोनू (27) को गिरफ्तार किया गया था। लॉरेंस के करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने 22 जनवरी को सेक्टर-32 के ट्रांसपोर्टर अंग्रेज सिंह विर्क से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। बाद में 25 लाख में बात भी बन गई। इसके बाद विर्क ने संपत नेहरा के गुर्गे मंजीत सिंह उर्फ सोनू को सात लाख रुपये दे दिए, लेकिन उन्हें फोन आते रहे। परेशान होकर उन्होंने 8 फरवरी को पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने संपत के गुर्गे मंजीत को दबोच लिया। आरोपी से पुलिस ने तीन लाख रुपये, एक पिस्टल, चार कारतूस, 11 सिम और दो मोबाइल बरामद किए।
वहीं पुलिस ने 11 फरवरी को पंचकूला एमडीसी के गांव भैंसा टिब्बा निवासी सतबीर सिंह उर्फ गुज्जर (28) को एक पिस्टल, पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। सतबीर गुज्जर चंडीगढ़ में संपत नेहरा के लिए रंगदारी वसूलने का काम करता था। सतबीर खुद संपत नेहरा के साथ एक केस में शामिल रहा है।