फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: आतंकी अर्श डल्ला के दो करीबी गैंगस्टर काबू, NIA ने दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

Fri, 19 May 2023 04:04 PM IST
निवेदिता वर्मा एजेंसी/संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली/मोगा

सार

पकड़े गए दोनों आरोपी भारत में बैन संगठनों के साथ काम कर रहे थे। दोनों के खिलाफ दिल्ली की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। उन पर पंजाब में भी कई केस दर्ज हैं। एनआईए ने पिछले साल 20 अगस्त को दर्ज मामले में इनको आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
गैंगस्टर अमृतपाल हेयर। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के दो करीबी सहयोगी अमृतपाल सिंह उर्फ अम्मी और अमरीक सिंह को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अमरीक सिंह खालिस्तान टाइगर फोर्स से जुड़ा हुआ है। वह मोगा के बाघापुराना के गांव चंदनवा का रहने वाला है। वह कई सालों से फिलीपींस में रह रहा था। उसके खिलाफ मोगा में दो, फिरोजपुर, रोपड़ व जगरांव में एक-एक मामले दर्ज हैं। 

विज्ञापन


डल्ला भी मोगा का ही रहने वाला है। डल्ला के कहने पर अमृतपाल पंजाब में रंगदारी के लिए कॉल करता था। मोगा एसएसपी जे एलेनचेलियन ने बताया कि पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। पूछताछ के लिए उसे मोगा भी लाया जाएगा। 

खालिस्तान टाइगर फोर्स के लिए जुटा रहा था धन
एनआईए की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के लिए धन जुटाने और सीमा पार से इसके लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी करने के लिए एक आपराधिक साजिश रची थी। एनआईए ने कहा, अमरीक भारत में केटीएफ की हिंसक आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आतंकी अर्शदीप सिंह ढल्ला के लिए काम कर रहा था। 
विज्ञापन


एक अन्य कुख्यात वांछित आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ पीता के सहयोग से, वे केटीएफ के इशारे पर पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी और देश में हिंसा और आतंक के कृत्यों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती में शामिल थे। एजेंसी ने कहा, वे प्रतिबंधित संगठन के लिए धन जुटाने के लिए एक जबरन वसूली रैकेट का भी हिस्सा थे। आरोपी व्यवसायियों सहित जबरन वसूली के लिए लक्ष्यों की पहचान करते थे और फिर उन्हें बड़ी रकम देने की धमकी देते थे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें