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हरियाणा आईटीआई इंस्ट्रक्टर परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 11 हिरासत में

Fri, 06 Dec 2019 12:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमिशन (एचएसएससी) आईटीआई इंस्ट्रक्टर पद का पेपर लीक करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार सुबह इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 के प्लाट नंबर 153 में मैपल टेक कंप्यूटर लैब पर डीएसपी सेंट्रल कृष्ण कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने छापेमारी कर पेपर लीक करने के आरोप में लैब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। 

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वहीं, पुलिस ने लैब से एक महिला समेत कुल 11 परीक्षार्थियों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें लीक पेपर दिखाने और उसे रटाने के लिए एक रात पहले लैब में बुलाया गया था। आरोपी मैनेजर नागौर के दितवाड़ा स्थित गांव अलखपुरा (राजस्थान) निवासी नीतिश (24) है। 

वहीं, पुलिस छापेमारी के दौरान लैब का मालिक हरियाणा निवासी राकेश उर्फ राका, उसका भाई मंजीत, ड्राइवर और असिस्टेंट मैनेजर अमित मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने उक्त लैब को सील कर दिया है।
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पुलिस पूछताछ में आरोपी से खुलासा हुआ कि उसको एचएसएससी के पेपर परीक्षा से पहले लैब के मालिक राकेश उर्फ राका, उसका भाई मंजीत और उनका ड्राइवर अमित लाकर देता था। इसके बाद वह पैसे देने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा से पहले पेपर लीक करते हुए उनको तैयारी करवाता था। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 420, 511 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। 

एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने बताया कि सेंट्रल डीएसपी कृष्ण कुमार वर्मा को सूचना मिली कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 स्थित प्लाट नंबर 153 (मैप्पल टेक कंप्यूटर लैब) में एचएसएससी आईटीआई इंस्ट्रक्टर का पेपर लीक कर परीक्षार्थियों की तैयारी करवाई जा रही है। सूचना पर डीएसपी कृष्ण कुमार की अगुवाई में सेक्टर 31 थाना प्रभारी राजदीप सिंह समेत पुलिस टीम ने सेंटर पर छापा मारा। पुलिस के मुताबिक जून माह में सुनील राठी नाम से एक व्यक्ति ने किराए पर प्लॉट नंबर-153 लिया था। 

इन परीक्षार्थियों को पुलिस ने पकड़ा 
छापेमारी के दौरान पुलिस ने सेंटर से कैथल के गांव देबन निवासी कपिल देव (29), पानीपत के समालखा निवासी कपिल (37), सोनीपत के जहरी निवासी नीरज (29), कैथल करनाल रोड डिफेंस कालोनी निवासी नरिंदर सिंह (33), जींद के नरवाना निवासी अजय कुमार (30),  रोहतक निवासी विकास (25), पानीपत निवासी अनुदीप (29) सोनीपत गोहाना निवासी संदीप (34), हिसार के तहसील हंसी निवासी नवीन भारद्वाज (28), जींद के जुलाना निवासी प्रदीप (29), हिसार विधुत नगर निवासी दीपिका (35) व दीपिका के साथ आए जगत सिंह और रवि को पुलिस गिरफ्तार किया है। 
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मोबाइल से डाटा जब्त

पुलिस ने लैब से आरोपी सहित अन्य परीक्षार्थियों का मोबाइल कब्जे में लिया है। पुलिस के अनुसार मोबाइल में पेपर लीक करने के अहम सबूत मिले हैं, जिसमें वाइस रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप मैसेज सहित अन्य सबूत शामिल हैं। इसके अलावा परीक्षार्थियों के पास से कई सारे नोट्स भी मिले हैं। इससे पता लगा कि यह गिरोह पिछले काफी से सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस अब शुक्रवार आरोपी को जिला अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी ताकि मामले का और खुलासा हो सके। 

10 से 15 लाख में होती थी डील
 गिरफ्तार आरोपी मैनेजर नीतिश ने खुलासा किया है कि एचएसएससी के पेपर 3 से 18 दिसंबर तक लिए जा रहे हैं। इसके लिए एक परीक्षार्थी से 10 से 15 लाख रुपये में डील हुई है। इसमें परीक्षार्थी से पेपर देने से पहले 4 लाख और फिर पेपर देकर रट्टा लगवाने वाले दिन 6 लाख और बाकी के रुपये परीक्षार्थी का नाम नौकरी लिस्ट में आ जाए तब लिए जाने थे। आरोपी ने बताया कि उसने जिन परीक्षार्थियों को पेपर लीक करवाया है, उनमें से अधिकतर उनके गिरोह के ही किसी न किसी के रिश्तेदार हैं।
  
एचएसएससी आईटीआई इंस्ट्रक्टर पेपर लीक मामले में टीम ने सेंटर पर छापा मार कर मैप्पल टेक कंप्यूटर लैब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल से वाइस रिकॉर्डिंग और परीक्षार्थियों के पास नोट्स बरामद किया है। मामले में अभी तक कुल चार लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस छानबीन कर रही है। -नीलांबरी विजय जगदले, एसएसपी चंडीगढ़
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