ईश्वर चंद्र शास्त्री ने कहा कि गणपति का स्मरण करते हुए पूजा की पूरी तैयारी करें। इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करें। एक कलश में जल भरकर उसमें सुपारी डालें और उसे कोरे कपड़े से बांधना चाहिए। इसके बाद सही दिशा में चौकी स्थापित करके उसमें लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। जयकारे लगाते हुए स्थापित करें।
भगवान गणेश की पूजा विधि
पंडित ईश्वर चंद्र शास्त्री ने कहा कि स्थापना के बाद गणपति को पुष्प की मदद से जल अर्पित करे। इसके बाद रोली, अक्षत और चांदी का वर्क लगाएं। इसके बाद लाल रंग का पुष्प, जनेऊ, दूब, पान में सुपारी, लौंग, इलायची और कोई मिष्ठान रखकर अर्पित करें। भोग में मोदक अर्पित करें। षोडशोपचार के साथ उनका पूजन और आरती करनी चाहिए।
खास संयोग बन रहा है गणेशोत्सव पर
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर खास संयोग बन रहा है। उन्होंने कहा कि सूर्य, बुध, शुक्र और शनि इस दिन अपनी अपनी राशियों में मौजूद रहेंगे। चंद्र तुला राशि में शुक्र के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिन कन्या राशि वालों के खोए हुए धन और नुकसान की भरपाई संभव है। धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है और किसी बड़े आय देने वाले काम की स्थापना भी हो सकती है। तुला राशि वाले जो लोग अपने खराब दौर से गुजर रहे थे, अब बेहतरी की ओर बढ़ेंगे। वृश्चिक राशि वालों को गणेश जी के जाते समय कोई बड़ी खुशी की खबर मिल सकती है। धनु राशि के लिए भी बेहतर है। मकर राशि वालों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। यश कीर्ति में वृद्धि होगी। नए वस्त्र व आभूषणों की प्राप्ति होगी।a