हरियाणा में पिछले साल डीएसपी (उपपुलिस अधीक्षक) से एएसपी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) पदोन्नत हुए 16 पुलिस अधिकारियों का भविष्य पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले के निर्णय पर टिका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अगर इनसे वरिष्ठ डीएसपी पदोन्नति के हकदार पाए जाते हैं तो इनकी डिमोशन होगी।
प्रदेश के गृह सचिव राजीव अरोड़ा ने 20 डीएसपी के कंफर्मेशन को लेकर भी पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही ये पूछा है कि क्या ये डीएसपी हरियाणा पुलिस सर्विस रूल 2002 और हरियाणा सिविल सर्विस रूल 2016 के तहत कंफर्म किए गए हैं। क्या कंफर्मेशन के समय रूल 10 के तहत स्वीकृत स्थायी पद, पदोन्नति कोटे और सीधी भर्ती कोटे के पर्याप्त पद खाली थे। इस मामले में डीजीपी नियमानुसार स्थिति साफ करें।
सरकार ने 5 अक्तूबर 2021 को 16 डीएसपी को एएसपी पद पर पदोन्नत किया है। एक पद डीएसपी तान्या के लिए आरक्षित रखा है। स्क्रीनिंग कमेटी ने पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की गोपनीय और व्यक्तिगत रिपोर्ट के आधार पर डीएसपी पद पर इनकी सेवाएं कंफर्म की हैं। स्क्रीनिंग कमेटी ने उस समय ही साफ कर दिया था कि अगर हाईकोर्ट में चल रहे मामलों में कोई वरिष्ठ डीएसपी पदोन्नति का हकदार पाया जाता है तो वरिष्ठता सूची से बाहर होने वाले एएसपी को दोबारा डीएसपी बना दिया जाएगा। दस साल तक डीएसपी पद पर रहने के बाद एएसपी पद पर पदोन्नति का नियम है। पदोन्नति कुल पदों के मुकाबले 20 प्रतिशत पर ही हो सकती है।
ये बने हैं डीएसपी से एएसपी
एएसपी बनने वालों में विजय सिंह, सिद्धार्थ ढांडा, कर्ण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती डबास, अमित दहिया, उषा देवी, जीतेंद्र अहलावत, पुष्पा, धारणा यादव, अनिल कुमार, हितेश यादव, नुपूर बिश्नोई, पंखूड़ी कुमारी और पूजा डाबला शामिल हैं। जबकि इसी बैच के कई अन्य डीएसपी आदर्शदीप सिंह, वीरेंद्र सैनी, अजीत सिंह, पूर्णिमा सिंह आदि की प्रमोशन लंबित है। इसके अलावा, खेल कोटे से लगे डीएसपी की भी पदोन्नति को लेकर हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।