पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार थम गया है और आज मतदान के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। वहीं आयोग ने कुछ निर्देश जारी किए हैं। अब मतदान होने तक 48 घंटे के लिए न तो प्रत्याशी दोपहिया वाहनों पर घूम सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर प्रचार कर सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग ने बल्क एसएमएस और टीवी विज्ञापनों पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। 117 विधानसभा सीटों के लिए 4 फरवरी शनिवार की सुबह 8 बजे मतदान शुरू होगा। 22 हजार 660 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
1 करोड़ 98 लाख मतदाता करेंगे 1145 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला। 2 से 4 फरवरी तक प्रदेश में शराब की दुकानें बद रहेंगी। वहीं, पंजाब सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए अवकाश का ऐलान किया है।
हरियाणा सरकार ने भी पंजाब के कर्मचारियों को अवकाश प्रदान किया है। हरियाणा, राजस्थान और पाकिस्तान बॉर्डर सील कर दिया गया है। साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बल, पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस मोर्चे पर डट गई है, ताकि मतदान शांतिपूर्ण हो सके।
पहले जारी निर्देशों में किया गया आंशिक संशोधन
मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह
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पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि आयोग ने पहले से जारी अपने निर्देशों में आंशिक संशोधन किया है। नए निर्देशों के अनुसार, वीरवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चलाए जा रहे विज्ञापनों पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है।
इन 48 घंटों के दौरान बल्क एसएमएस, सोशल मीडिया और आईवीआरएस संदेशों द्वारा भी सियासी पार्टियां और उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे प्रचार पर रोक रहेगी। यह रोक 4 फरवरी शाम पांच बजे तक लागू रहेगी। इन 48 घंटों के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले सियासी पार्टियों, उम्मीदवारों और चुनाव संबंधी विज्ञापनों के लिए विज्ञापनदाता को चुनाव आयोग से प्रमाण पत्र लेना होगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अंतिम 48 घंटों के दौरान आम लोगों के दोपहिया वाहन के इस्तेमाल पर रोक नहीं है लेकिन पहले जारी निर्देशों के तहत सियासी पार्टियां और उम्मीदवार दोपहिया वाहन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। टीवी वर सियासी विज्ञापन नहीं चलेंगे। प्रिंट मीडिया में विज्ञापन छपवाने के लिए आयोग से लेना होगा प्रमाण पत्र। जनता कर सकती है दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल।