चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में महिला कर्मचारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर पीयू वीसी को मांगपत्र सौंपा था। उन्होंने आशंका जताई थी कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान शरारती तत्वों की मौजूदगी से महिला कर्मचारियों और दिव्यांग कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
इस पर पीयू बचाओ मोर्चा की सदस्य नाराज हो गईं। उनका कहना है कि बीते कई वर्षों से कैंपस में आउटसाइडर्स की एंट्री का मुद्दा बना हुआ है, रोजाना शरारती तत्व कैंपस में प्रवेश करते हैं, तब महिला कर्मचारियों ने कभी कोई लिखित शिकायत नहीं दी, लेकिन अब जब धरने को समर्थन मिल रहा है, तभी शिकायतें दी जा रही हैं।
मोर्चा सदस्यों ने आरोप लगाया कि आज तक महिला कर्मचारियों ने बाहर के लोगों के प्रवेश पर कोई लेटर क्यों नहीं सौंपा। जिस दिन एडमिन ब्लॉक बंद किया गया था, उस दिन क्यों कोई शिकायत नहीं की गई। अब जब हमारा आंदोलन मजबूत हो रहा है, तभी शिकायतें क्यों दी जा रही हैं।
एडमिन ब्लॉक बंद करने के दौरान भी महिला कर्मचारियों समेत सभी को प्यार और सम्मान के साथ अपील की गई थी कि वह ब्लॉक बंद करने जा रहे हैं। किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। उसके बाद भी कोई शिकायत नहीं हुई। इतने दिनों बाद अचानक महिला कर्मचारियों को सुरक्षा की चिंता कैसे होने लगी। उन्होंने कहा कि वह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगी और सुरक्षा को बहाना बनाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशों का विरोध करेंगी।