अपने दोस्त विक्की के साथ लक्ष्मण।
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सच्चे मित्र नसीब वालों को मिलते हैं। बचपन के दोस्तों की बात ही कुछ और है। बेशक परिस्थितिवश वह कुछ समय के लिए दूर हो जाए लेकिन जरूरत पड़ने पर कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा आपके साथ खड़े होते हैं। कुछ ऐसी ही दोस्ती है विक्की और लक्ष्मण की। सेक्टर- 25 निवासी विक्की ऑटो चलाते हैं।
लॉकडाउन के दौरान शहर के सारे ऑटो बंद कर दिए गए थे। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। पिछले साल मई महीने में विक्की की पत्नी गर्भवती थी। 16 मई को तबीयत खराब होने पर उसे सेक्टर-22 स्थित अस्पताल लाया गया, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान विक्की बहुत खुश था लेकिन अंदर ही अंदर उसे पैसों की चिंता सता रही थी। ऐसे में उसने अपने जानकारों को फोन किया लेकिन सहायता नहीं मिल पाई।
तभी उसे अपने बचपन के दोस्त लक्ष्मण का ख्याल आया। दोनों का बचपन साथ में बीता था लेकिन शादी के बाद काफी समय से मिल नहीं पाए थे। ऐसे समय में विक्की को अपने दोस्त लक्ष्मण की याद आई। विक्की ने कई सालों बाद लक्ष्मण को फोन किया और परिस्थिति के बारे में बताया। लक्ष्मण बिना देर किए सेक्टर-22 अस्पताल पहुंचा और अपने दोस्त की पैसे से सहायता की और साथ ही दोस्त को पिता बनने की बधाई भी दी।