कोरोना काल में लोगों को रिश्तों की अहमियत का पता चला। लेकिन दोस्तों की यारी का जवाब नहीं है। सुख हो या दुख... दोस्त हर परिस्थिति पर खड़ा मिलता है। चंडीगढ़ के सेक्टर- 41 निवासी देवेंद्र छाबड़ा ने बताया कि उनके दोस्त के रिश्तेदार को ब्लैक फंगस हो गया था। डॉक्टरों ने कहा कि इंजेक्शन नहीं मिले तो बचाना मुश्किल होगा।
इंजेक्शन के लिए देवेंद्र ने राजस्थान से लेकर दिल्ली तक अपने सूत्र दौड़ा दिए। रातोंरात दिल्ली से इंजेक्शन लाकर देवेंद्र ने अपने दोस्त के रिश्तेदार की जान बचाई। जतिन छाबड़ा की बड़हेरी में बर्तनों की दुकान है। देवेंद्र ने बताया कि उनके घर में बर्तन शुरू से ही जतिन की दुकान से आते हैं।
धीरे-धीरे ग्राहक और दुकानदार का संबंध पारिवारिक दोस्ती में बदल गया। कोरोना की दूसरी लहर में जब ब्लैक फंगस ने दस्तक दी तो जतिन के पंजाब में रहने वाले एक रिश्तेदार की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। वह मरीज को लेकर चंडीगढ़ आ गए। उस परिस्थिति में डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि इंजेक्शन नहीं है और बिना इंजेक्शन के मरीज को बचाना मुश्किल है।
जतिन ने तत्काल देवेंद्र को फोन लगाया। देवेंद्र ने दिल्ली से लेकर राजस्थान तक के अपने दोस्तों से मदद मांगी। किसी मेडिकल स्टोर संचालक दोस्त ने देवेंद्र को बताया कि दिल्ली से इंजेक्शन मिल सकते हैं लेकिन कोई जाने वाला चाहिए। देवेंद्र ने बिना वक्त बर्बाद किए रातोंरात दिल्ली जाने की तैयारी की।
इस दौरान रास्ते में देवेंद्र को पुलिस ने भी रोका लेकिन उनकी समस्या को सुनकर जाने दिया। सुबह तक देवेंद्र ने इंजेक्शन दोस्त को उपलब्ध करा दिए। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया और मरीज को खतरे से बाहर लाया आया।