मोटरसाइकिल बस के नीचे जा घुसी। अमनदीप, गुरप्रीत व जुगराज की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर घायल गुरमुख सिंह को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चारों मृतकों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच थी। मौके पर डीएसपी तलविंदरजीत सिंह, एसएचओ थाना सिटी मुक्तसर अशोक कुमार और एसएचओ बरीवाला रूपिंदरजीत कौर समेत पुलिस दल भी जांच के लिए पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है।
उधर, युवकों की मौत से भड़के परिजनों ने करीब 12.30 बजे रिश्तेदारों व ग्रामीणों के साथ हाईवे पर जाम लगा दिया। शवों को सिविल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए ले जाने नहीं दिया गया। परिजन बस चालक के खिलाफ कार्रवाई व आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि जब तक बस चालक पर केस दर्ज नहीं होता तब तक वे शवों का पोस्टमार्टम व संस्कार नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पक्का टेंट लगा दिया और शवों को रखने के लिए मौके पर फ्रिज भी मंगवा लिए। दोपहर तीन बजे पुलिस प्रशासन व सरपंच के आश्वासन पर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया लेकिन जाम देर शाम तक लगातार जारी था। गुरप्रीत सिंह परिवार का इकलौता बेटा था। जुगराज सिंह और गुरमुख सिंह दोनों चचेरे भाई थे।
मलोट के शिक्षक की सड़क हादसे में मौत
मलोट के बठिंडा रोड पर कार हादसाग्रस्त होने से शिक्षक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मलोट निवासी शिक्षक अजय कुमार सुबह करीब 6.30 बजे मलोट से अपनी कार से मानसा के स्कूल में ड्यूटी के लिए निकला था। बठिंडा रोड पर अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और खेतों में जा गिरी। इससे अजय कुमार की मौत हो गई।