पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के राजनीतिक करियर की शुरूआत 1970 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई। जयप्रकाश आंदोलन से सुषमा स्वाराज ने आपातकाल का जमकर विरोध किया। 1977 और 87 में अंबाला छावनी से विधायक बनीं। 1990 से 96 के दौरान राज्यसभा सदस्य रहीं।
चौ. देवी लाल की सरकार में 1977 से 1979 के बीच राज्य की श्रम मंत्री रहीं। 1979 में जनता पार्टी हरियाणा की अध्यक्ष बनीं और यही से आप ने राजनीति की उड़ान भरी। अंबाला छावनी की जनता ने इन्हें जो प्यार दिया उसे आप ने पूरी तरह निभाया और छावनी की जनता को हाऊसिंग बोर्ड 1982 में दिया। छावनी के लालकुर्ती, तोपखाना सहित विभिन्न एरिया में कम्युनिटी सेंटर सुषमा स्वराज की ही देन हैं।
अंबाला में साइंस उद्योग विकसित करने में भी अहम योगदान
सुषमा स्वराज का अंबाला में साइंस उद्योग को विकसित करने में भी अहम योगदान रहा। राज्य की कैबिनेट मंत्री बनने के बाद वे अंबाला में साइंस उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लाईं।