हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों की बसों व मैक्सी कैब का अप्रैल से जुलाई तक का टैक्स माफ कर दिया है। कोरोना के दौरान स्कूल वाहनों के न चलने पर यह निर्णय लिया गया। सीएम मनोहर लाल ने परिवहन विभाग को इस संबंध में निर्देश दिए थे। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि निजी स्कूल संचालक सीएम और शिक्षा मंत्री से मिले थे।
जुलाई के बाद के दो महीने का टैक्स स्कूलों से लिया है। अगर स्कूल संचालक सीएम और शिक्षा मंत्री से मिलकर इसे भी माफ करने की मांग उठाएंगे व कोई रियायत देने का आश्वासन सीएम देंगे तो उस पर काम किया जाएगा। उनके समक्ष भी अगर मांग उठाई जाती है तो वह उससे सीएम को अवगत कराएंगे।
प्राइवेट स्कूल संघ के राज्य प्रधान सत्यवान कुंडू ने सरकार से पूरे कोरोना के दौरान का टैक्स माफ करने के साथ ही बीमा व लोन क़िस्त में भी छूट देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैक्सी कैब का पूरे साल का 3 हजार व बसों का सात हजार टैक्स बनता है।
पांच राज्यों में नहीं जा रही रोडवेज बसें
परिवहन मंत्री ने मूल चंद शर्मा ने कहा कि अनलॉक-5 तो हो गया पर अब भी 5 राज्यों में रोडवेज बसें नहीं जा रही। बसें न चलाने देने पर उन्होंने दिल्ली सरकार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी 1000 रुपये की गाड़ी कर जा सकता है। मगर, 20 रुपये की टिकट लेकर रोडवेज से नहीं जाने दिया जा रहा।
यह दिल्ली सरकार की छोटी सोच है। दिल्ली सरकार गरीब आदमी पर बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। शर्मा ने जानकारी दी कि खनन विभाग में 2019- 20 में 331 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ था। 2020-21 में अप्रैल से सितंबर तक 338 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह दर्शाता है कि विभाग ने ईमानदारी से काम किया है।