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जहां हुआ जन्म वहीं हुई मौतः बहादुरगढ़ में कमरे में सो रहे चार माह के इकलौते बच्चे को कुत्ते ने नोचा

Wed, 26 Feb 2020 08:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के टीकरी कलां में बुधवार की सुबह चार माह के एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया। कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चा घर में इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

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दरअसल, मुज्जफरनगर यूपी का निवासी विनीत पिछले कुछ वर्षों से बहादुरगढ़ के साथ सटे दिल्ली के टीकरी कलां में पीवीसी रोड स्थित एक टाइल के गोदाम में काम करता है। इसी गोदाम परिसर में बने कमरे में वह परिवार सहित रहता है। विनीत काम में व्यस्त था। उसकी पत्नी भी घरेलू काम में लगी हुई थी। 

इनका चार महीने का बेटा कुंज चारपाई पर सोया हुआ था, आसपास कोई नहीं था। इसी दौरान एक लावारिस कुत्ता वहां आया और कुंज पर हमला बोल दिया। सिर, कंधे व शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह से नोंच डाला। विनीत की पत्नी की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाया और कुत्ते को भगाकर बच्चा संभाला। मासूम कुंज की हालत बेहद खराब थी। खून काफी बह गया था।
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सिविल डिफेंस कर्मी ने की मदद
अपने बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए विनीत रोड पर खड़ा रहा। काफी देर तक कोई वाहन नहीं रुका। इसके बाद वहां से गुजर रहे सिविल डिफेंस कर्मी मुकेश की नजर लहुलूहान बच्चे पर पड़ी तो उसने अपनी बाइक रोकी। बाइक पर बैठाकर वह विनीत और उसके बच्चे को टीकरी स्थित एक क्लीनिक ले गया।

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वहां प्राथमिक उपचार कराने के बाद वे बच्चे को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में ले आए। यहां डॉक्टरों ने उपचार तो शुरू किया लेकिन बच्चा दम तोड़ चुका था। बच्चे की मौत से विनीत की आंखें भी भर आईं। इसके बाद वह कुंज के शव को टीकरी ले गया।

मन्नतों के बाद हुआ था कुंज
मासूम कुंज चार बहनों के बाद सबसे छोटा और इकलौता पुत्र था। विनीत के मुताबिक, बेटे के लिए उन्होंने काफी मन्नत मांगी थी। तब जाकर पांचवीं संतान के रूप में बेटा प्राप्त हुआ। लेकिन आज एक कुत्ते के काटने से उनका बेटा उन्हें छोड़कर चला गया।

जहां जन्म हुआ, वहीं मौत की पुष्टि
दरअसल, कुंज का जन्म बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में हुआ था। बुधवार को जिंदगी और मौत के बीच जूझते कुंज को एक बार फिर इसी अस्पताल में लाया गया। इसी अस्पताल में डॉक्टरों को उसकी मौत की पुष्टि करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि जिस कुत्ते ने कुंज को काटा, वह पागल था।

डॉक्टर की सलाह
यदि काटने के कुछ समय बाद ही मौत हुई तो जाहिर है, बच्चे को गहरे घाव हुए होंगे। घबराहट और रक्तस्त्राव ज्यादा होना भी बड़ा कारण है। रेबीज से तुरंत मौत नहीं होती। यदि किसी को कोई कुत्ता-बिल्ली काट ले तो उक्त हिस्से को पानी से अच्छी तरह साफ करें। एंटी सेफ्टिक लगाएं। इसके बाद डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं। गली में घूमने वाले पशुओं से बच्चों को दूर रखना चाहिए। -डॉ.गजेंद्र रोहिल्ला, पशु चिकित्सक, पशु अस्पताल बहादुरगढ़
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