विधायकों को हिरासत में लेकर जाती चंडीगढ़ पुलिस।
पंजाब कांग्रेस के चार विधायक गुरुवार को सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देने पहुंच गए। प्रदेश कांग्रेस को न तो इस संबंध में कोई जानकारी थी और न ही ऐसे किसी कार्यक्रम की घोषणा ही की गई थी। हालात यह बने कि चार कांग्रेस विधायकों के साथ धरना देने 7-8 कार्यकर्ता ही पहुंचे। चंडीगढ़ पुलिस ने भाजपा कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते इन विधायकों और कार्यकर्ताओं को कुछ ही देर में हिरासत में ले लिया।
पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देने पहुंचे विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा, गुरकीरत सिंह कोटली, परमिंदर सिंह पिंकी और प्रीतम सिंह कोटभाई के साथ महज 7-8 कार्यकर्ता ही दिखाई दिए। भाजपा कार्यालय के बाहर इन विधायकों ने किसानों के समर्थन में मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। इन विधायकों और कार्यकर्ताओं को सेक्टर- 39 थाने ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
विरोध प्रदर्शन के इस कार्यक्रम के बारे में विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने बताया कि उनका यह धरना सांकेतिक था और कोरोना को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से काले कृषि कानूनों पर विरोध जताने का प्रयास किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे चाहते तो हजारों कार्यकर्ताओं को एकत्र कर धरना दे सकते थे। अब भी अगर केंद्र सरकार ने काले कानून वापस नहीं लिए तो कांग्रेस की ओर से क्रमवार धरना प्रदर्शनों का सिलसिला शुरु किया जाएगा।