रामदरबार फेस-1 स्थित बस स्टॉप के नजदीक पार्क में युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी अजय (24) के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में युवक के पैर पर तीन जगह हल्के जख्म के निशान मिले हैं। परिजनों का आरोप है कि किसी ने अजय को जहरीला पदार्थ खिलाकर मार दिया है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जीएमसीएच-32 के शवगृह में रखवा दिया है। घटना रविवार सुबह करीब 7 बजे की है। पार्क में अजय को बेसुध हालत में देखकर आसपास के लोगों ने जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अजय रामदरबार फेज-1 में अपने परिवार समेत रहता था।
रोजाना की तरह वह शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित एक सैलून में ड्यूटी के लिए गया था। रात करीब साढ़े 8 बजे घर में यह कहकर अपनी बलेनो कार से चला गया कि वह सेक्टर-18 में किसी काम से जा रहा है। जब देर रात तक अजय वापस घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू कर दी।
अगली सुबह परिजनों को पता चला कि रामदरबार बस स्टॉप के पास स्थित एक पार्क में बेसुध पड़े अजय को सैर करने वाले लोग जीएमसीएच-32 ले गए हैं, परिजनों के अस्पताल पहुंचते ही पता चला कि अजय की मौत हो चुकी है। कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ी थी। सेक्टर-31 थाना पुलिस 174 सीआरपीसी के तहत मामले की छानबीन में जुट गई है।
सुबह 6 बजे सीसीटीवी में कैद हुई कार
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी को खंगाला तो सुबह करीब 6 बजे अजय की कार सेक्टर-31 लाइट प्वाइंट पर लगे कैमरे में कैद थी। कार रामदरबार की ओर जा रही थी। सवाल यह है कि इस एक घंटे के बीच अजय के साथ ऐसा क्या हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
अजय के पास से पैसा और मोबाइल मिला
अजय के पिता की करीब दस वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। बड़े भाई अरुण कुमार ने बताया कि अजय शायद सेक्टर-18 में किसी ग्राहक से पैसे लेने गया होगा। घटना के बाद उसके पास से 14 से 15 हजार रुपये और मोबाइल भी मिला है। उसका शरीर कुछ हद तक नीला हो गया था। आरोप है कि किसी ने जहरीला पदार्थ देकर अजय को मार दिया। फिलहाल, सेक्टर-31 थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।