पूर्व परिवहन मंत्री व जजपा के राष्ट्रीय महासचिव वेद सिंह मलिक का गुरुवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्तपाल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष के थे और 25 दिन पूर्व अपने छोटे भाई सतबीर के निधन के बाद से बीमार चल रहे थे। जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तीसरे पहर पैतृक गांव पिपलीखेड़ा में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व मंत्री मलिक के बड़े बेटे संजय मलिक ने उन्हें मुखाग्नि दी। उन्हें पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को कई दलों के नेता भी पहुंचे।
पूर्व मंत्री वेद सिंह मलिक 1987 में लोकदल पार्टी से पहली बार विधायक चुने गए और परिवहन मंत्री बने। उन्होंने वर्ष 1991, 1996 व वर्ष 2000 में गन्नौर से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन जीत दर्ज नहीं कर सके। वर्ष 2005 के चुनाव में इनेलो से टिकट नहीं मिलने पर वह वर्ष 2007 में कांग्रेस में शामिल हो गए। वह 2014 तक कांग्रेस में कई पदों पर रहे।
बाद में 2014 में फिर से इनेलो में चले गए। इनेलो के दो फाड़ होने पर उन्होंने जजपा ज्वाइन कर ली। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। उनके निधन पर जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला, विधायक कुलदीप शर्मा, विधायक जगबीर मलिक, पूर्व स्पीकर सतबीर कादियान, मन्नत ग्रुप के चेयरमैन देवेंद्र कादियान, जजपा नेता बिजेंद्र आंतिल, अजीत आंलित, भाजपा नेता आजाद सिंह नेहरा, सुमित राणा, अनुपम रापरिया ने शोक जताया और परिजनों को ढांढस बंधाया।