साध्वियों के साथ यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में फैसला आ चुका है। दोनों मामलों में डेरामुखी समेत अन्य अनुयायियों को दोषी करार देकर सजा सुना दी गई है। छत्रपति हत्याकांड में तो भले ही डेरामुखी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके बावजूद डेरामुखी पर अभी और कानूनी शिकंजा कस सकता है।
छत्रपति हत्याकांड के अतिरिक्त डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या का मामला भी सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा है। सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता एचपीएस वर्मा के अनुसार इस मामले में तमाम गवाही पूरी हो चुकी है और अब 19 जनवरी को इस मामले में बहस शुरू हो रही है। उम्मीद है इस मामले में भी जल्द फैसला आएगा।
इस केस में भी डेरामुखी आरोपी है। इसके अलावा डेरामुखी पर एक और गंभीर केस भी सीबीआई अदालत में विचाराधीन है। डेरामुखी पर आरोप है कि उन्होंने अध्यात्म का सहारा लेते हुए डेरे के करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाया है। इस मामले में सीबीआई द्वारा विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है और केस में अभी सुनवाई चल रही है।