आय से अधिक संपत्ति मामले में आखिर शुक्रवार को सीनियर कांग्रेसी नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश हुए। विजिलेंस ने मामले से जुड़े उनसे कई सवाल-जवाब किए। वहीं, पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा कि वह 1980 से विधायक बनते आ रहे हैं। छह बार विधायक बन चुके हैं।
वह नियमों का पालन करने वाले नागरिक हैं। उनके पास ऐसी कोई भी प्रॉपर्टी नहीं है, जिसका रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि सबको पता है राज्य सरकार किस काम पर लगी है। विकास का कोई काम नहीं हो रहा है। इस तरह के काम से सरकार की मशहूरी नहीं होगी, जनता ऐसे वोट नहीं डालेगी। विधायक कानून का निर्माण करते हैं, ऐसे में वह कानून कैसे तोड़ सकते हैं।
ब्रह्म मोहिंदरा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे मोहाली स्थित विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय में पहुंच गए थे। इस दौरान उनकी गाड़ी सीधे विजिलेंस भवन के अंदर चली गई। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे जब बाहर आए तो उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि वह देश के अच्छे नागरिक हैं। इससे पहले विजिलेंस ने उन्हें तीन बार पूछताछ के लिए समन भेजे थे लेकिन दो बार उन्होंने व्यस्त होने का तर्क दिया था, जबकि तीसरी बारी तबीयत ठीक न होने की बात कही थी। हालांकि इसके बाद वह इस मामले को लेकर चीफ विजिलेंस कमीशन पहुंच गए थे। साथ ही तर्क दिया था कि उनके खिलाफ गलत कार्रवाई की जा रही है।
वह विधायक रह चुके हैं, ऐसे में यह मामला गृह विभाग के अधीन आना चाहिए। वहीं कमीशन ने कहा कि था कि वह विजिलेंस की जांच में दखल नहीं दे सकते हैं। आप यह मामला विजिलेंस के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठा सकते हैं। जांच में आपको शामिल होना पड़ेगा। दूसरी तरफ कमीशन ने विजिलेंस को कहा था कि ब्रह्म मोहिंद्रा द्वारा उठाए गए सवालों पर विचार किया जाए।