उसने सूची भी सार्वजनिक की थी। भट्टू रोड बंद करके रात भर धरना दिया था और शनिवार सुबह पुलिस ने जबरदस्ती धरना उठवा दिया था और गाड़ी में पुलिस लाइन ले गए थे। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में गांव दैयड़ निवासी मोहनलाल की शिकायत पर विधायक के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष उर्फ टोपी पर मामला दर्ज किया था। एसपी ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी ने जांच शुरू करके तीन लोगों के बयान दर्ज किए, जिनके नाम रुपये देने वालों की सूची में थे। इनके बयान के बाद पूर्व चालक को भी जांच में शामिल किया जाना था लेकिन उससे पहले वह मुकर गया।
23 जुलाई को पीया था जहर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था नोट
विधायक दुड़ाराम के पूर्व ड्राइवर सुभाष ने 23 जुलाई को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक पत्र भी वायरल हुआ था, जिसमें नौकरी के नाम पर रुपये लेकर विधायक के पीए राजबीर को देने के आरोप लगे थे। इसके अलावा पत्र में दो अन्य लोगों पर भी आरोप थे लेकिन तीन दिन बाद पुलिस कार्रवाई में पूर्व चालक ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया था और दवाई की जगह गलती से जहरीले पदार्थ को सेवन कर लेने का बयान दिया था।