हरियाणा में कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद अब डॉ. अशोक तंवर ने टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) का दामन थाम लिया है। राहुल गांधी के करीबी रहे तंवर के अचानक टीएमसी में शामिल होने से उनके विरोधी हतप्रभ हैं। तंवर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं लेकिन उनकी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ नहीं निपट रही थी।
मंगलवार को दिल्ली स्थित टीएमसी कार्यालय में ममता बनर्जी ने तंवर का पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया गया और उन्हें जल्दी कोई बड़ी जिम्मेदारी देने के संकेत दिए। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह जल्द ही हरियाणा का दौरा भी करेंगी। इस मौके पर तंवर के सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। तंवर सिरसा से सांसद भी रहे हैं और इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। लेकिन 2019 के आम चुनाव से ठीक पहले वह नाराज कांग्रेस से अलग हो गए, कांग्रेस से अलग होने के बाद तंवर ने अपना भारत मोर्चा बनाया है।
हुड्डा से रहा 36 का आंकड़ा
कांग्रेस हाईकमान ने फरवरी 2014 में डॉ. तंवर को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। तंवर की ताजपोशी के दिन हरियाणा भर से नेता आए और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनकी शानदार एंट्री हुई थी। शुरुआत में कुछ दिन तो उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मंच साझा किया लेकिन बाद में दिक्कतें शुरू हो गईं। अपने कार्य में हस्तक्षेप न बर्दाश्त करने वाले तंवर का हुड्डा से 36 का ही आंकड़ा रहा। टिकट बंटवारे में भी दोनों नेताओं की ठनी रही। बाद में तंवर ने स्वयं को कांग्रेस से अलग कर लिया।