रिंकू को आप में लाने में अशोक मित्तल की भूमिका अहम
सुशील रिंकू को आप में लाने में मुख्य भूमिका एलपीयू के चांसलर और आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने अदा की। आप ने लगातार कई नेताओं का सर्वेक्षण करवाया था। इसमें पहला नाम मोहिंदर सिंह केपी का था। केपी जालंधर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। आप ने केपी को पार्टी में शामिल करवाने में पूरी ताकत झोंकी लेकिन केपी ने हामी नहीं भरी।
इसके बाद पार्टी ने अवतार सिंह करीमपुरी, पूर्व विधायक बलदेव खैहरा, बसपा नेता बलविंदर कुमार का सर्वेक्षण करवाया। इसमें सुशील रिंकू का नंबर काफी ऊपर आया। लिहाजा पार्टी ने अपना जोर रिंकू पर लगा दिया। पहले स्थानीय लीडरशिप को कमान सौंपी गई। पंजाब एग्रो एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन के चेयरमैन मंगल सिंह बासी, आप स्टेट सचिव राजविंदर कौर थियाड़ा और विधायक बलकार सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रथम चरण की बातचीत जालंधर में हुई लेकिन रिंकू ने स्थानीय लीडरशिप से किनारा कर लिया और फोन उठाना बंद कर दिया। पार्टी की लिस्ट में रिंकू का नाम सबसे ऊपर था। लिहाजा राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने जिम्मेदारी एलपीयू के चांसलर राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को दी। अशोक मित्तल का पंजाब में गहरा प्रभाव है और उन्होंने रिंकू के साथ लगातार बैठके की और आप में शामिल होने पर राजी किया।