जालंधर के नागरा रोड पर रहने वाले भाजपा के पूर्व युवा नेता राहुल चोपड़ा की देर रात इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक राहुल पहले भाजपा में थे लेकिन अब वह आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ नजर आते थे। राहुल एक किताबे बनाने वाली मशहूर कंपनी में सीनियर मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव थे। वह काम के चलते हिमाचल प्रदेश गए थे।
दो दिन पहले जब राहुल हिमाचल प्रदेश में थे तो उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उनके चाचा अनिल चोपड़ा ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ लेकर पहुंचे लेकिन राहुल वहां दाखिल नहीं हुआ और वापस जालंधर आ गया। गत रात जब वह अपने घर पर था तो अचानक हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज दौरान मौत गई।
राहुल के शरीर पर इंजेक्शन के काफी निशान हैं। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण नशे की ओवरडोज लिखा है। जब थाना 1 के प्रभारी सुखदेव सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि इलाज दौरान राहुल को काफी इंजेक्शन लगे थे। जालंधर के अस्पताल वालों को राहुल के परिजनों ने कोई जानकारी नहीं दी। यही वजह है कि उन्होंने ओवरडोज लिख दिया लेकिन राहुल की मौत किसी बीमारी के कारण हुई है। पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है। शव को सिविल अस्पताल में रखवा दिया गया है।