फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व एआईजी आशीष कपूर को मिली जमानत, विजिलेंस ने दर्ज किया था मामला

Mon, 16 Oct 2023 08:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

विजिलेंस ने आशीष कपूर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी आमदनी से 129.3 फीसदी अधिक खर्च किया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने एक अगस्त 2017 से 31 अगस्त 2022 तक चंडीगढ़ और मोहाली के आसपास गैरकानूनी ढंग से कई कीमती अचल संपत्ति अर्जित की।
विज्ञापन
एआईजी आशीष कपूर। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आय से अधिक संपत्ति मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी व पंजाब के पूर्व सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) आशीष कपूर को नियमित जमानत दे दी है। भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने उन्हें छह अक्तूबर 2022 को गिरफ्तार किया था। 30 मई को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन जमानत मिलने के दिन ही विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में फिर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 26 सितंबर को हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी और अब उनकी नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

विज्ञापन


विजिलेंस ने आशीष कपूर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी आमदनी से 129.3 फीसदी अधिक खर्च किया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने एक अगस्त 2017 से 31 अगस्त 2022 तक चंडीगढ़ और मोहाली के आसपास गैरकानूनी ढंग से कई कीमती अचल संपत्ति अर्जित की, जिसका बाजार भाव पंजीकृत मूल्य से कहीं अधिक है। इस दौरान उनकी संपत्ति 2 करोड़ 44 लाख 64 हजार 871 रुपये थी जबकि उनका खर्च 5 करोड़ 60 लाख 90 हजार 650 था। आशीष कपूर परिवार समेत विदेशी दौरों पर गए व एशोआराम का जीवन जीने पर करोड़ों रुपये खर्च किए।

जांच में पता चला कि आशीष कपूर, आशीष कपूर एंड संस (एचयूएफ) व उनकी पत्नी कमल कपूर के नाम पर विभिन्न बैंकों में तकरीबन 10 बैंक खाते हैं। इनमें 65 लाख रुपये जमा हैं। कपूर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने ऊपर लगाए आरोपों को नकारते हुए जमानत की मांग की है। याची ने कहा कि विजिलेंस ने उनकी आय और व्यय की गणना करते हुए कई तरह की चूक की हैं।
विज्ञापन


इससे पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था और उन्हें छह अक्टूबर 2022 को हिरासत में ले लिया गया था। इस मामले में जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 30 मई 2023 को उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। जेल से बाहर आते इससे विजिलेंस ने एक और एफआईआर दर्ज कर ली और उसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिसके चलते वह जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ सके थे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें