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बहिबल गोलीकांडः पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी ने किए खुलासे, बोले- फायरिंग के वक्त बादल संपर्क में थे

Tue, 26 Feb 2019 10:05 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी
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बहुचर्चित बहिबल कलां गोलीकांड में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उनसे विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने करीब दो घंटे सवाल-जवाब किए। सैनी को चंडीगढ़ स्थित 82वीं पीएपी बटालियन के कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सैनी से पूछताछ एसआईटी प्रमुख प्रबोध कुमार और अन्य अधिकारियों की टीम ने की।
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पुलिस सूत्रों के के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुमेध सैनी से एसआईटी ने यह जानना चाहा कि क्या उन्होंने ही परमराज सिंह उमरानंगल को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा था। सैनी ने इसका जवाब दिया कि उमरानंगल को अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा था, क्योंकि वहां हालात काफी खराब थे।

एसआईटी ने सैनी से पूछा कि कोटकपूरा में फायरिंग के आदेश किसने दिए थे तो उन्होंने कहा कि फायरिंग के आदेश ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने दिए थे, पुलिस के आला अफसर भी मौके पर मौजूद थे। उनके अनुसार, मौके पर हालात काफी खराब थे।
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पूर्व विधायक बराड़ और सैनी से लगातार संपर्क में थे पूर्व सीएम

जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डीजीपी के बीच देर रात तक टेलीफोन पर जिस बातचीत का जिक्र किया है, एसआईटी ने उसे लेकर पूर्व डीजीपी से पूछा कि घटना की रात क्या उनकी तत्कालीन मुख्यमंत्री के साथ बातचीत हुई थी? सैनी ने बताया कि उनकी बातचीत प्रमुख सचिव गगनजीत सिंह बराड़ के फोन से बादल से हुई थी। उनको हालात के बारे में जानकारी दी थी। सैनी ने यह भी बताया कि तत्कालीन सीएम से बातचीत के समय पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ भी मौजूद थे। बादल बराड़ और उनसे फोन पर लगातार संपर्क में थे।
 
बादल को पूछताछ के लिए फिर बुला सकती है एसआईटी
यह भी पता चला है कि सुमेध सैनी ने एसआईटी को कुछ दस्तावेज भी सौंपे हैं, जिनके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन माना जा रहा है कि सैनी द्वारा सौंपे गए दस्तावेज के आधार पर एसआईटी एक बार फिर से तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पूछताछ के लिए बुला सकती है, क्योंकि पिछली बार पूछताछ में उन्होंने किसी तरह की जानकारी होने से इंकार कर दिया था।
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पूर्व एसएसपी चरनजीत शर्मा ने दायर की जमानत याचिका

बहिबलकला गोलीकांड मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ने जिला अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर कर दी है। याचिका पर जिला व सेशन जज हरपाल सिंह ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 1 मार्च की तारीख तय की है। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल गोलीकांड के आरोपी पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को घटना की जांच कर रही एसआईटी ने पिछले माह 27 जनवरी को उनके होशियारपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।

11 दिन के रिमांड के बाद पुलिस ने 7 फरवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अब पटियाला जेल में बंद पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर करते हुए कहा कि एसआईटी ने उन्हें झूठे व बेबुनियाद केस में फंसाया है और उनसे पूछताछ का काम पूरा हो चुका है। जमानत मिलने के बाद भी वह जरूरत पड़ने पर एसआईटी व अदालत को अपना सहयोग देते रहेगें।

उल्लेखनीय है कि बहिबलकल गोलीकांड की घटना 14 अक्टूबर 2015 को हुई थी, जिसमें बरगाड़ी बेअदबी की घटना के विरोध में धरनाकारियों पर पुलिस फायरिंग के चलते दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी। घटना के एक सप्ताह बाद 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज किया गया था।

बेअदबी मामलों की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस केस में 11 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया। इनमें से पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी तीन पुलिस अधिकारियों को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से 21 मई तक अंतरिम जमानत मिली चुकी है।

 
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