पांच सिंह साहिबान की ओर से डेरा सिरसा के मुखी संत राम रहीम सिह को माफी दिए जाने के खिलाफ सिख संगठनों का बुधवार को पंजाब बंद बेअसर रहा।
अमृतसर के हॉल बाजार और श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास के बाजार खुले रहे। बंद विफल बनाने के लिए पुलिस ने मंगलवार की रात को सिख संगठनों के कई नेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर लिया। साथ ही अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर शहर को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया था।
लुधियाना में सभी प्रमुख बाजारों में दुकानें खुली रहीं, लेकिन हर बाजार में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पुलिस ने घंटाघर, कमला नेहरू मार्केट, चौड़ा बाजार और माता रानी चौक समेत कई इलाकों में फ्लैग मार्च किया। पुलिस की टीमें आधुनिक हथियारों से लैस होकर बाजारों में गश्त करती रहीं।
पटियाला में बंद की काल बेअसर रही। शिअद (अमृतसर) के जो लीडर दुकानें बंद कराने के लिए बाजारों में निकले, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और थाना सिविल लाइन में बंद कर दिया।
जालंधर में आधे दिन के बंद का मिलाजुला असर रहा। कई बाजार सुबह से ही बंद रहे। प्रदर्शनकारी जबरन बंद न करवा सके, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था।
फिरोजपुर में कई बाजार सुबह से ही बंद रहे। प्रदर्शनकारी जबरन बंद न करवा सके, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। सिख तालमेल कमेटी की तरफ से सेंट्रल टाउन गुरुद्वारा दीवान अस्थान में मीटिंग रखी गई थी। इसमें कई सिख जत्थेबंदियों के नेता शरीक हुए।
मोगा में पुलिस ने बंद समर्थक सिख जत्थेबंदियों के नेताओं पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। वहीं निहाल सिंह वाला, बाघापुराना और समालसर में पुतले जला कर रोष प्रगट किया गया। वहीं, फगवाड़ा, बठिंडा और बटाला में भी बंद का बेअसर रहा।