चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और चौथी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने तैयारियों पर गंभीरता से कार्य शुरू कर दिया गया है। बचाव, इलाज व राहत संबंधी किए गए कार्यों पर सीधे केंद्र की ओर से मॉनिटरिंग की जा रही है। इस कड़ी में केंद्र ने स्वास्थ्य विभाग से तीन दिन में शहर में संचालित सभी ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट का मॉकड्रिल कर उसकी रिपोर्ट मांगी है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग 21 से 23 जून तक सभी सात प्लांटों की जांच कर उसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजेगा।
गौरतलब है कि पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 व सेक्टर-48 के हॉस्पिटल में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। इन प्लांटों को दूसरी लहर के बाद स्थापित किया गया है। इसी क्रम में जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में 2022 में 800 एलपीएम क्षमता वाले दो नए प्लांट स्थापित किए गए हैं। उन प्लांटों की टेस्टिंग हो चुकी है।
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प्रेशर, फ्लो और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर क्षमता की होगी जांच
केंद्र सरकार से मिले निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को 21 से 23 जून तक शहर में संचालित सात ऑक्सीजन प्लांट का मॉक ड्रिल कर उसकी क्षमता की जांच रिपोर्ट भेजनी है। मॉक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट में प्रेशर, फ्लो और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर क्षमता की जांच की जाएगी। इस दौरान अगर कहीं किसी स्तर पर कमी मिली तो उसे तत्काल सुधार किया जाएगा ताकि स्थिति गंभीर होने पर ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट के संचालन में रुकावट सामने न आ सके।
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योजना हो चुकी है लेटलतीफी का शिकार
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने चंडीगढ़ में और दो प्लांट लगाने का निर्देश दिया था। कहने को तो जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में दो नए प्लांट 15 नवंबर 2021 तक संचालित किए जाने थे, लेकिन अप्रैल 2022 में इसे संचालन का अप्रूवल मिला। इसके बाद इन दोनों प्लांट के नमूनों की जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
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यहां के प्लांट इतना ऑक्सीजन कर रहे उत्पन्न
पीजीआई : दो हजार एलपीएम
जीएमएसएच-16 : 500 एलपीएम और 800 एलपीएम के दो प्लांट
जीएमसीएच-32 : एक हजार एलपीएम और 800 एलपीएम के दो प्लांट
सेक्टर-48 अस्पताल : 100 एलपीएम
कोट-
केंद्र के निर्देश पर शहर में स्थापित सभी ऑक्सीजन प्लांट के मॉक ड्रिल की प्रक्रिया तीन दिनों में पूरी कर उसकी रिपोर्ट भेज दी जाएगी। -डॉ मंजीत सिंह, ऑक्सीजन प्लांट के राज्य नोडल अधिकारी