पंजाब में गरीबों को आटा दाल स्कीम के तहत राशन बांटने का जिम्मा पंजाब सरकार ने एक प्राइवेट कंपनी को दिया है। मगर सरकार ने शर्त रखी है कि जब उसके कर्मी स्कीम के तहत लोगों को आटा दाल वितरित करेंगे तो वो खास किस्म की ड्रेस पहनकर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में करेंगे। इसके अलावा आटा दाल स्कीम का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के हस्ताक्षर भी सबके सामने ही करवाए जाएंगे। ऐसे में अवैध तौर पर लाभ लेने वालों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ दिनों में पंजाब सरकार आटा दाल स्कीम को शुरू करने वाली है। सरकार घर-घर राशन पहुंचाएगी। सूत्रों ने बताया कि पंजाब में शिअद और कांग्रेस की सरकार के समय बड़ी मात्रा में ऐसे लोग भी रहे हैं, जिनके पास सब कुछ है लेकिन वो अपने राजनीतिक रसूख से अवैध रूप से आटा दाल स्कीम का लाभ प्राप्त कर गरीबों का हक मार रहे थे।
अब जब सीसीटीवी की निगरानी में आटा दाल का वितरण होगा तो ऐसे लोग आसानी से पहचाने जा सकेंगे। इसके अलावा सरकार फर्जी गरीबों का खुलासा करने के मकसद से विशेष योजना भी बना रही है, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को आटा-दाल स्कीम का लाभ प्राप्त हो सके। पंजाब में आटा दाल स्कीम का लाभ प्राप्त करने वाले करीब एक करोड़ से ज्यादा लोग हैं।
सूत्रों ने बताया कि पंजाब सरकार खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर भी नजर रखने की खास योजना तैयार कर रही है। यह भी पता लगाया जा सकेगा कि विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर लोगों से जुडे़ हैं और उनके राशन कार्ड के अलावा आटा दाल स्कीम के कार्ड सही बना रहे हैं या नहीं।